ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनेई की मौत हो गई है. उनके साथ परिवार के चार और सदस्यों की भी जान गई है. ईरानी मीडिया ने भी इस खबर को कंफर्म किया है. ख़ामेनेई अब नहीं रहे. उनकी मौत के बाद 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा भी की गई है. मिडिल ईस्ट में तनाव की स्थिति बनी हुई है. इजरायल और अमेरिका के हमले के जवाब में ईरान ने कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. इस बीच रविवार (1 मार्च 2026) को ख़ामेनेई समेत उनकी बेटी, दामाद और पोती की मौत हो गई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि 86 वर्षीय आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई एक सैन्य ऑपरेशन में मारे गए हैं. ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि ख़ामेनेई इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक थे. उन्होंने उनकी मौत को न्याय बताया. इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा कि बमबारी पूरे सप्ताह बिना रुके जारी रहेगी या जब तक मध्य-पूर्व और दुनिया में शांति स्थापित नहीं हो जाती. ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया में तेजी से खबरें फैलने लगीं और हालात को लेकर अटकलें बढ़ गईं.