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जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का कहर, NH-44 का बड़ा हिस्सा धंसा, बाढ़ से 7 लोगों की मौत

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। उधमपुर जिले में देवाल ब्रिज के पास जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) का जम्मू जाने वाली लेन का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। सामने आए वीडियो में हाईवे का हिस्सा बुरी तरह धंसा हुआ दिखाई दे रहा है और सड़क के पास नदी का पानी तेज रफ्तार से बह रहा है।

इससे पहले क्षेत्र में बाढ़ और बारिश के कारण कई जगहों पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। फ्लैश फ्लड के कारण मुनावर नदी पर बने नए कल्लर-अंड्रोला पुल का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। यह पुल लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बनवाया था और अभी इसका निर्माण अंतिम चरण में था। इसे आम लोगों के लिए खोला भी नहीं गया था।

कल्लर-अंड्रोला पुल स्थानीय लोगों के लिए लंबे समय से बड़ी जरूरत था। ग्रामीण करीब 10 साल से इस पुल के निर्माण की मांग कर रहे थे। पुल बनने से पहले लोग नदी पार करने के लिए झूला पुल का इस्तेमाल करते थे, लेकिन 2014 की भयानक बाढ़ में इस पुल का रास्ता बह गया था। वहीं, रविवार को जम्मू-कश्मीर के सुरनकोट इलाके में बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इस हादसे में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई।

जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने बताया कि सरकार पुंछ जिले में बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर रही है। नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद केंद्र सरकार को राहत पैकेज भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि पुंछ में कई इलाकों में अभी भी बिजली और पानी की समस्या बनी हुई है। कई जगह सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। अधिकारियों को पानी की सप्लाई के लिए टैंकरों की संख्या बढ़ाने और जनरेटर लगाने का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

उपमुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस बार भी जम्मू-कश्मीर के लोगों की मदद करेगी और प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। इस बीच, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को बडगाम जिले के बीरवाह का दौरा किया। उन्होंने मंगलवार को आई अचानक बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। इसके बाद श्रीनगर में अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। बैठक में जरूरी सेवाओं को बहाल करने, सड़क संपर्क, राहत अभियान और सभी जिलों की तैयारियों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों में आज शाम तक बिजली की सप्लाई काफी हद तक बहाल होने की उम्मीद है।