दिल्ली के सेंट्रल जिला पुलिस ने करीब 80 लाख रुपये की ऑनलाइन निवेश ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला राजिंदर नगर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे फर्जी शेयर बाजार निवेश योजना के जरिए भारी मुनाफे का लालच देकर ठगा गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित को शेयर बाजार से जुड़े निवेश पर आकर्षक रिटर्न का भरोसा दिलाया। आरोपियों की बातों पर विश्वास कर पीड़ित ने कई किस्तों में लगभग 80 लाख रुपये निवेश कर दिए। हालांकि, उसे न तो वादा किया गया मुनाफा मिला और न ही उसकी मूल राशि वापस की गई। मामले की जांच के लिए पुलिस ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। जांच टीम ने बैंक खातों, लेनदेन रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और मोबाइल डेटा का गहन विश्लेषण कर ठगी की रकम के प्रवाह का पता लगाया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि लाभार्थी खातों की जांच और तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। जांच के दौरान मिले विशेष तकनीकी इनपुट और खुफिया जानकारी के आधार पर पीयूष कुमार को नई दिल्ली के एक होटल से गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके साथी जतिन खजोटिया को 17 जून 2026 को गुरुग्राम से पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उन्होंने शेयर बाजार और निवेश योजनाओं में मोटे मुनाफे का झांसा देकर शिकायतकर्ता का विश्वास जीता और उससे बड़ी रकम निवेश करवाई।
जांच में यह भी सामने आया कि ठगी की राशि का एक हिस्सा कई लाभार्थी खातों के माध्यम से विभिन्न शेयर बाजार निवेश साधनों में लगाया गया था। आरोपियों के खुलासे के आधार पर पुलिस ने धन के प्रवाह (मनी ट्रेल) का पता लगाया और अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस धोखाधड़ी से जुड़े करीब 25 लाख रुपये मूल्य के शेयर फ्रीज कर दिए हैं। साथ ही अपराध की आय से जुड़े अन्य बैंक खातों और वित्तीय संपत्तियों का भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।