जयपुर पुलिस ने झोटवाड़ा क्षेत्र में चोरी के एक मामले में फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर और कुख्यात चोर सतपाल सिंह चौहान उर्फ सतपाल फौजी (46) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके एक सहयोगी पवन कुमार तंवर को भी गिरफ्तार किया है। पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) प्रशांत किरण ने शनिवार को बताया कि सतपाल फौजी का नाम हाल ही में बंद फ्लैटों में दिनदहाड़े हुई दो चोरी की वारदातों में सामने आया था।
उन्होंने बताया कि एक चोरी पिछले महीने कर्णी विहार क्षेत्र में हुई थी, जबकि दूसरी घटना 12 जून को झोटवाड़ा इलाके में हुई। दोनों मामलों में समानता यह थी कि चोरी दिन के समय बंद फ्लैटों में की गई थी। डीसीपी के अनुसार, दोनों मामलों की जांच के लिए गठित विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया, जिसमें एक ही व्यक्ति के दोनों घटनाओं में शामिल होने के संकेत मिले। जांच में यह भी सामने आया कि वही व्यक्ति एक अन्य मकान चोरी की वारदात में भी शामिल था।
पुलिस को मुखबिरों और तकनीकी सूचनाओं के आधार पर पता चला कि आरोपी सतपाल फौजी एक अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का सरगना है। इसके बाद पुलिस टीम ने कई सीसीटीवी फुटेज और अन्य सूचनाओं के आधार पर उसका पीछा कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, सतपाल फौजी के खिलाफ वर्ष 2004 से अब तक चोरी और घरों में सेंधमारी के करीब 66 मामले दर्ज हैं। उसके गिरोह के खिलाफ 12 से अधिक राज्यों में मुकदमे दर्ज हैं और अब तक गिरोह के 20 से अधिक सदस्यों की पहचान की जा चुकी है।
डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया कि यह गिरोह दिन के समय घरों को निशाना बनाता है। एक वारदात में आरोपी घर के अंदर 50 सेकंड से भी कम समय तक रहा और इसी दौरान उसने कीमती सामान चुरा लिया। पुलिस ने खुलासा किया कि पहचान छिपाने के लिए सतपाल फौजी बेहद शातिर तरीके अपनाता था। उसकी तस्वीरें और वीडियो देशभर के कई पुलिस थानों में मौजूद होने के कारण उसने खुद के लिए सिलिकॉन से बने फुल-फेस मास्क तैयार कराए थे। वह मास्क के ऊपर विग भी लगाता था ताकि कोई उसे पहचान न सके। उसके पास ऐसे दो से तीन मास्क मिले हैं और वह अगली वारदात की तैयारी कर रहा था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और चोरी किए गए सामान की बरामदगी के लिए आगे की जांच कर रही है।