Breaking News

एशियन गेम्स 2026: भारत की स्टार बॉक्सर लवलीना ने चीन को हराकर जीता गोल्ड     |   एशियन गेम्स 2026: रिकर्व मिक्स्ड तीरंदाजी टीम ने जीता सिल्वर     |   राजघाट पहुंचे PM मोदी, महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि     |   अमरावती, महाराष्ट्र: ट्रक और पिकअप की टक्कर में 7 की मौत, 19 घायल     |   दिल्ली से कैंचीधाम जा रही तेज रफ्तार ट्रैवलर बस पलटी, 6 से ज्यादा श्रद्धालु घायल     |  

दिल्ली में निर्माण स्थलों और खुले में कचरा जलाने की निगरानी के लिए शुरू किया गया कंट्रोल रूम

दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाली जगहों, खासकर कंस्ट्रक्शन साइट्स पर नजर रखने के लिए एक कंट्रोल रूम शुरू किया गया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) प्रदूषण के स्रोतों पर नजर रखने के साथ-साथ शहर भर में मैकेनिकल रोड स्वीपर और नियमों को लागू करने वाली गतिविधियों की निगरानी करेगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को सेंटर का उद्घाटन किया। इस मौके पर पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया, "इस सेंटर में दिल्ली के अंदर हो रही सभी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।"

उन्होंने बताया कि फिलहाल 707 जगहों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम के जरिये 500 वर्ग मीटर से ज्यादा बड़ी कंस्ट्रक्शन साइट्स की निगरानी की जाएगी। साथ ही खुले में कचरा जलाने की घटनाओं का पता लगाने के लिए कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि सेंटर सभी एयर क्वालिटी स्टेशनों की निगरानी करेगा और प्रदूषण के मौजूदा और पुराने आंकड़ों का विश्लेषण करेगा, ताकि उन इलाकों की पहचान की जा सके जहां प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है और ये तय किया जा सके कि मैकेनिकल रोड स्वीपिंग और पानी का छिड़काव जैसे उपायों की जरूरत है या नहीं।

सिरसा के अनुसार, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग और दूसरी जगहों का निरीक्षण करने वाले अधिकारियों को बॉडी कैमरे दिए जाएंगे, ताकि ये पता चल सके कि वे मौके पर मौजूद हैं या नहीं और कोई कार्रवाई की गई है या नहीं। ये केंद्र तीन शिफ्ट में चौबीसों घंटे काम करेगा।

मंत्री ने कहा, "इसमें एआई-आधारित कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हमारी मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनरी की भी जीपीएस के जरिये निगरानी की जा सकती है।" सिरसा ने कहा कि कमांड सेंटर के साथ ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों को जोड़कर सरकार की 'नो PUC, नो फ्यूल' पहल की निगरानी को और मजबूत किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि एक इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम रियल-टाइम ट्रैफिक की स्थिति के आधार पर ट्रैफिक सिग्नल को कंट्रोल करने में मदद करेगा। इससे गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी। ये सिस्टम ट्रैफिक सिग्नल के बीच तालमेल बिठाएगा ताकि ट्रैफिक को देखते हुए रेड और ग्रीन लाइट के समय को एडजस्ट किया जा सके। पटाखों के बारे में सिरसा ने कहा कि दिल्ली में सिर्फ ग्रीन पटाखे लाने की इजाजत होगी।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे दिवाली मनाते समय प्रदूषण का ध्यान रखें।