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विद्युत उत्पादन में छत्तीसगढ़ ने बनाई बढ़त, दूसरे राज्यों के मुकाबले मिल रही सस्ती बिजली

Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास और बढ़ते घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या के बावजूद सीमावर्ती राज्यों की तुलना में बिजली की दरें अपेक्षाकृत कम हैं। राज्य में विद्युत उत्पादन के कई स्रोत मौजूद होने से दरें सस्ती रखने में बेहद मदद मिली हैं। बिजली उत्पादन के लिए राज्य में थर्मल पावर प्लांट, हाइड्रो पावर, सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे कई सोर्स उपलब्ध हैं। साल 2023-24 के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में सबसे ज्यादा बिजली खपत इंडस्ट्री सेक्टर में 60.27 फीसदी है। जबकि कृषि क्षेत्र में 14.91 प्रतिशत ऊर्जा की खपत होती है। डोमेस्टिक खपत 13.38 फीसदी है।

बिजली उत्पादन के मामले में थर्मल पावर अभी भी राज्य में नंबर वन पोजिशन पर है। राज्य में कोयला आधारित बिजली उत्पादन 94958.29 MU (मिलियन यूनिट) है, जबकि सोलर आधारित बिजली उत्पादन 905.88 MU है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में बिजली उत्पादन को और भी अधिक स्थिर बनाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। राज्य के राजनांदगांव जिले में देश का सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम आधारित सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित किया गया है। यह भारत का पहला बड़ा सौर ऊर्जा संयंत्र है, जिसमें बैटरी स्टोरेज सिस्टम है। इससे गैर-सौर घंटों में भी बिजली उपलब्ध रहती है।