मुंबई पुलिस ने मंगलवार को बताया कि दादर स्थित चैत्यभूमि में हुए CJP के प्रदर्शन के सिलसिले में 50 से अधिक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर प्रशासन से जरूरी अनुमति लिए बिना प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, जिसके बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
प्रदर्शन में कई लोगों, जिनमें छात्र भी शामिल थे, ने हिस्सा लिया था। वे दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को भूख हड़ताल से हटाए जाने के विरोध और NEET परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दादर स्थित चैत्यभूमि के पास पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से कई लोगों को हिरासत में लिया।
सोनम वांगचुक कथित परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा सुधारों को लेकर भूख हड़ताल पर थे। 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई थी, जिसके बाद देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। वहीं, दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा, पथराव और तोड़फोड़ के मामले में अब तक पांच FIR दर्ज की हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह हिंसा किसी पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थी।
FIR संसद मार्ग और कनॉट प्लेस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, आर्म्स एक्ट, 1959 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम (PDPP Act) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई हैं। सोमवार को पुलिस ने कनॉट प्लेस इलाके में पथराव का वीडियो भी जारी किया था। पुलिस के अनुसार, उपद्रवियों ने कथित तौर पर पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल में रीगल सिनेमा के पास पुलिस टीम पर पथराव किया। मामले की आगे जांच जारी है।
दिल्ली पुलिस ने कथित हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए 250 से अधिक वीडियो की जांच की है। इनमें मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो, CCTV फुटेज, ड्रोन फुटेज और पुलिस बॉडी कैमरा की रिकॉर्डिंग शामिल हैं। वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर उपद्रव करने वालों की पहचान कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि पहचान किए गए लोगों में से किसी का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सोमवार को हुई हिंसा में शामिल लोग किसी पूर्व नियोजित साजिश के तहत जंतर-मंतर पहुंचे थे या नहीं। जांच का फोकस इस बात पर भी है कि 20 जुलाई को CJP के संसद मार्च के दौरान पथराव, तोड़फोड़ और पुलिस वाहनों व जवानों पर हमले में शामिल लोगों ने हिंसा को संगठित तरीके से अंजाम दिया था या नहीं।
इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नई दिल्ली में हिंसा से पहले लोगों को जुटाने के लिए WhatsApp या Telegram पर कोई ग्रुप बनाए गए थे या नहीं। कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक के विरोध में CJP का प्रदर्शन सोमवार को और तेज हो गया था। पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इसी दौरान संसद की ओर निकाला गया मार्च हिंसक हो गया था।