विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने शानदार खेल दिखाया लेकिन एकल खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के कारण भारतीय महिला बैडमिंटन टीम मंगलवार को यहां क्वार्टर फाइनल में जापान से 1-3 से हारकर एशियाई खेलों से बाहर हो गई। भारत की तरफ से दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने मुकाबले की शुरुआत की।
उन्होंने विश्व में तीसरे नंबर की खिलाड़ी अकाने यामागुची के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन निर्णायक गेम में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और वह आखिर में 23-21, 18-21, 6-21 से हार गईं। उन्नाति हुड्डा इसके बाद 2022 की विश्व जूनियर चैंपियन और विश्व में सातवें नंबर की खिलाड़ी टोमोका मियाजाकी से 16-21, 18-21 से हार गईं, जिससे जापान 2-0 से आगे हो गया।
नई दिल्ली में हाल ही में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा और गायत्री ने पहले युगल मैच में युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो को 21-17, 21-16 से हराकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा। लेकिन युवा शटलर तन्वी शर्मा तीसरे एकल मुकाबले में पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा से 12-21, 10-21 से हार गईं और इस तरह से जापान ने 3-1 से जीत हासिल कर ली।
सिंधू ने यामागुची के खिलाफ पहले गेम में 13-17 से वापसी करते हुए 23-21 से जीत हासिल की। इसके बाद वह अच्छी स्थिति में दिख रही थीं। दूसरे गेम में इंटरवल तक यामागुची दो अंकों की बढ़त बनाए हुए थीं। सिंधू ने 12-17 से पिछड़ने के बाद वापसी की कोशिश की, लेकिन जापानी खिलाड़ी ने संयम बनाए रखते हुए दूसरा गेम 21-18 से जीत लिया। निर्णायक गेम में सिंधू किसी भी समय लय में नहीं दिखी और जल्द ही 6-14 से पीछे हो गईं। यामागुची ने 10 मैच प्वाइंट हासिल किए और एक सटीक रिटर्न शॉट से मैच जीत लिया।