उत्तर प्रदेश में 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। नवचयनित अभ्यर्थियों को हथियार संचालन और फायरिंग का प्रशिक्षण देने के लिए सरकार 5.56 एमएम एसएलआर राइफल के 10 लाख से अधिक कारतूस खरीदेगी। इसके लिए करीब 3 करोड़ 55 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। कारतूस की खरीदारी होमगार्ड विभाग की ओर से एसटीएफ के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा प्रशिक्षण के लिए 1 करोड़ 44 लाख रुपये की लागत से 155 एसएलआर राइफल भी खरीदी जाएंगी।
डीजी होमगार्ड ध्रुवकांत ठाकुर के मुताबिक, 41,424 पदों पर भर्ती प्रक्रिया अब अंतिम दौर में है। अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा यानी PET चल रही है और इसे जल्द पूरा किया जाएगा। भर्ती का परिणाम सितंबर के अंत तक जारी करने का लक्ष्य है। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों की मेडिकल जांच और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अक्टूबर में पूरी की जाएगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद नवंबर से चयनित अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग शुरू होगी।
नवचयनित 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों को करीब 90 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ट्रेनिंग में होमगार्ड की जिम्मेदारियों, अनुशासन, कानून-व्यवस्था में सहयोग, आपदा और आपात स्थिति में भूमिका के साथ हथियार संचालन का प्रशिक्षण भी शामिल होगा। फायरिंग अभ्यास के लिए 5.56 एमएम एसएलआर राइफल के 10 लाख से अधिक कारतूस खरीदे जाएंगे। इसके साथ 155 एसएलआर राइफल भी खरीदी जाएंगी। ट्रेनिंग नवंबर से शुरू होकर जनवरी तक पूरी करने की तैयारी है। इसके बाद फरवरी में नवचयनित होमगार्ड अभ्यर्थियों को फील्ड में तैनाती देने का लक्ष्य रखा गया है।
होमगार्ड विभाग के मुताबिक, एसटीएफ के माध्यम से करीब 3 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से 5.56 एमएम एसएलआर राइफल के कारतूस खरीदे जाएंगे। वहीं 155 एसएलआर राइफल की खरीद पर करीब 1 करोड़ 44 लाख रुपये खर्च होंगे। विभाग का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में कारतूस की खरीद होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।
41,424 पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद होमगार्ड स्वयंसेवकों के 7,600 और रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए विज्ञापन जारी करने की तैयारी है। प्रदेश में होमगार्ड स्वयंसेवकों के कुल 1,18,348 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 69,324 पदों पर वर्तमान में होमगार्ड कार्यरत हैं। 41,424 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद भी 7,600 पद रिक्त रहेंगे, जिन पर आगे भर्ती की जाएगी।