Breaking News

अमित शाह ने लॉन्च किया एंटी-ड्रग विजन, 3 साल में नेटवर्क खत्म करने का लक्ष्य     |   अयोध्या चंदा चोरी मामला: सभी आरोपियों को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया     |   चंदा केस: ट्रस्ट में रोज चोरी हो रही थी, अरबों रुपये कहां गए? - अरविंद केजरीवाल     |   बिहार: प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ने का ऐलान किया     |   होर्मुज स्ट्रेट में असुरक्षा के लिए अमेरिका, इजरायल और सहयोगी देश जिम्मेदार: ईरान     |  

24 जून की फ्लैश फ्लड के बाद अरुणाचल का पोटिन क्षेत्र अब भी बाकी राज्य से कटा, 1 की मौत, 4 लापता

अरुणाचल प्रदेश के केई पन्योर जिले का पोटिन क्षेत्र 24 जून को हुई भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन के बाद अब भी राज्य के बाकी हिस्सों से कटा हुआ है। 24 जून को पोसा गांव में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इस हादसे में पांच लोग लापता हो गए थे। जिला प्रशासन ने अब तक एक महिला का शव बरामद किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

हादसे का स्थान पोटिन से केवल 9 किलोमीटर दूर है, लेकिन पोटिन-पोसा गांव और पोटिन-याचुली-जीरो मार्ग भारी भूस्खलन के कारण अभी भी बंद है। इसके चलते पोटिन क्षेत्र का संपर्क राज्य के अन्य हिस्सों से पूरी तरह टूट गया है। सीमा सड़क संगठन (BRO), जिला प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर सड़क बहाल करने के काम में जुटे हैं। प्रशासन के अनुसार, सड़क साफ करने का काम तेजी से जारी है, लेकिन कई जगहों पर सड़कें बह जाने और भूस्खलन के कारण यातायात अभी शुरू नहीं हो सका है।

स्थानीय निवासी सजल पंडित ने बताया कि 24 जून की सुबह का मंजर बेहद डरावना था। उन्होंने कहा कि आसपास की पहाड़ियों में लगातार भूस्खलन हुआ और बादल फटने से आई बाढ़ ने NEEPCO कॉलोनी में कई घर, संपत्तियां और वाहन बहा दिए। वहीं, पोटिन क्षेत्र के निवासी और पूर्व पंचायत सदस्य लिची बाका ने कहा कि इलाका अभी भी बाकी राज्य से कटा हुआ है। उन्होंने बताया कि सड़कें बंद होने के कारण लोगों को खाद्य सामग्री और जरूरी सामान की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में इससे पहले ऐसी भयावह स्थिति कभी नहीं देखी।