हॉलीवुड अभिनेत्री अमांडा पीट ने अपने ब्रेस्ट कैंसर के सफर को एक भावुक नोट के जरिए साझा किया है। उन्होंने बताया कि उनकी बीमारी का पता उस समय चला, जब वे अपने माता-पिता के जीवन के अंतिम दिनों का सामना भी कर रही थीं। ‘माय सीजन ऑफ एटिवैन’ शीर्षक से लिखे अपने लेख में अमांडा पीट ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों, इलाज और पारिवारिक परिस्थितियों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि पिछले साल लेबर डे से पहले कराए गए एक नियमित चेकअप के दौरान डॉक्टर को कुछ संदेह हुआ, जिसके बाद बायोप्सी कराई गई।
रिपोर्ट में एक छोटा ट्यूमर सामने आया, जिसके बाद आगे की जांच की गई। अभिनेत्री ने बताया कि उनका कैंसर हार्मोन-रिसेप्टर पॉजिटिव और HER2-नेगेटिव था, जिसे इलाज के लिहाज से अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है। हालांकि बाद में MRI में उसी स्तन में एक और गांठ दिखी, जिससे चिंता बढ़ गई और अतिरिक्त जांच करनी पड़ी। राहत की बात यह रही कि दूसरी गांठ सामान्य (बेनाइन) निकली।
अमांडा पीट ने बताया कि उनका कैंसर शुरुआती स्टेज (स्टेज-1) में था, जिसके चलते उनका इलाज सर्जरी (लम्पेक्टॉमी) और रेडिएशन से ही संभव हो सका और उन्हें कीमोथेरेपी की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने रेडिएशन थेरेपी के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि शुरुआत में यह संभालने योग्य था, लेकिन अंत में कुछ शारीरिक तकलीफें भी हुईं।
अपने लेख में उन्होंने अपने माता-पिता के अंतिम समय का भी जिक्र किया। पिता के निधन के बाद उन्होंने मां के अंतिम पलों को करीब से देखा और उन भावनात्मक क्षणों को शब्दों में बयां किया। उन्होंने लिखा कि उन पलों में बिना कुछ कहे भी बहुत कुछ समझा जा सकता था। अमांडा पीट की यह कहानी न सिर्फ उनके साहस को दर्शाती है, बल्कि जीवन के कठिन दौर में मानसिक और भावनात्मक मजबूती की भी झलक दिखाती है।