नेपाल और चीन में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। दोनों देशों में बाढ़ और इससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 1,127 लोगों की मौत हो चुकी है। नेपाल में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इस आपदा में अब तक करीब 1,127 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक, मंगलवार, 1 सितंबर तक 3,916 लोग लापता हैं। इनमें 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
वहीं, बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अब तक करीब 11,814 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। जिन इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण सड़कें टूट गई हैं, वहां राहत दल हेलीकॉप्टर और दूसरे विमानों की मदद से लोगों तक पहुंच रहे हैं।
नेपाल में यह बड़ी त्रासदी 26 अगस्त को हिमालय के ऊंचाई वाले इलाकों में हुई एक घटना के बाद शुरू हुई। ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने से बड़ी मात्रा में चट्टान, बर्फ और पिघला हुआ पानी नीचे की ओर बहने लगा। इससे अचानक तेज बाढ़ आ गई और नेपाल के साथ-साथ तिब्बत के कई इलाके भी प्रभावित हुए।
ग्लेशियर के नीचे मौजूद चट्टान टूटने से यह घटना हुई है। चट्टान का हिस्सा इतनी तेजी से नीचे गिरा कि इससे 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसे झटके भी दर्ज किए गए। रसुवा के लांगटांग लिरुंग इलाके में करीब 5,200 मीटर की ऊंचाई से बर्फ, चट्टान और मलबे का एक बड़ा हिस्सा नीचे गिरा। यह मलबा लेंडे नदी में जा मिला।
भारी मात्रा में बर्फ और चट्टान के नदी में गिरने से पानी का बहाव बेहद तेज हो गया और मलबे से भरी खतरनाक बाढ़ आ गई। इस बाढ़ ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। नेपाल और चीन में आई इस आपदा में अब तक 1,127 लोगों की मौत हो चुकी है, नेपाल में अभी भी हजारों लोगों की तलाश जारी है।