Delhi: भारती एयरटेल की डिजिटल शाखा एक्सटेलिफाई ने सोमवार को 'एयरटेल क्लाउड' लॉन्च किया है। यह भारत में बना टेलीकॉम-ग्रेड क्लाउड प्लेटफॉर्म है, जो खास तौर पर भारतीय टेलीकॉम कंपनियों और व्यवसायों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
कंपनी के मुताबिक, ये प्लेटफॉर्म इंफ्रास्ट्रक्चर-एज-ए-सर्विस, प्लेटफॉर्म-एज-ए-सर्विस और एडवांस्ड कनेक्टिविटी की सुविधा देगा। इसके जरिए कंपनियां अपने डेटा को सुरक्षित तरीके से क्लाउड में माइग्रेट कर सकेंगी, लागत में 40 फीसदी तक की बचत कर पाएंगी और किसी एक वेंडर पर निर्भर नहीं रहेंगी।
एयरटेल क्लाउड को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि ये हर मिनट 140 करोड़ ट्रांजैक्शन को संभाल सकता है। फिलहाल इसका उपयोग एयरटेल खुद के लिए कर रहा है और अब इसे देश की अन्य कंपनियों को भी उपलब्ध कराया जाएगा।
यह क्लाउड प्लेटफॉर्म नई पीढ़ी के सस्टेनेबल डेटा सेंटर्स पर होस्ट किया गया है और इसमें जनरेटिव एआई के ज़रिए सेवाएं प्रोविजन की जाती हैं। इसका प्रबंधन 300 से ज्यादा सर्टिफाइड क्लाउड एक्सपर्ट्स कर रहे हैं।
कंपनी ने अपने नए एआई-आधारित सॉफ्टवेयर सूट की भी घोषणा की, जिसमें चार मुख्य प्लेटफॉर्म शामिल हैं – वर्क, सर्व, डेटा इंजन और एयरटेल आईक्यू। इनसे कंपनियों को बिजनेस प्रोसेस ऑटोमेशन, कस्टमर पर्सनलाइजेशन, रीयल-टाइम एंगेजमेंट, और एआई-आधारित एनालिटिक्स जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
भारती एयरटेल के उपाध्यक्ष और एमडी गोपाल विट्टल ने कहा, "हम रोजाना 2 ट्रिलियन ट्रांजैक्शन प्रोसेस करते हैं। हमारे पास भारत का सबसे बड़ा क्लाउड सिस्टम है जिसमें 10,000 फिजिकल सर्वर और लगभग 7,600 नेटवर्क और सिक्योरिटी डिवाइसेज हैं।"