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ड्रग तस्करी के लिए WhatsApp, Telegram, Signal जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे गिरोह: गृह मंत्रालय

केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि संगठित ड्रग तस्करी गिरोह अब WhatsApp, Telegram, Snapchat, Zangi, Signal और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नशीले पदार्थों की खरीद, परिवहन, छिपाने और वितरण के समन्वय के लिए कर रहे हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि यह जानकारी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा ड्रग तस्करी के मामलों की जांच के दौरान सामने आई है।

उन्होंने बताया कि एनसीबी की जांच में पाया गया है कि संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से मादक पदार्थों और मनोप्रभावी पदार्थों की खरीद, ढुलाई, छिपाने और आपूर्ति जैसी गतिविधियों का समन्वय कर रहे हैं। नित्यानंद राय ने कहा कि तकनीक के जरिए होने वाली ड्रग तस्करी और इससे जुड़े अपराधों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि डार्कनेट के जरिए होने वाली ड्रग तस्करी और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से किए जाने वाले लेनदेन की जांच को मजबूत बनाने के लिए एनसीबी ने साइबर विशेषज्ञों को शामिल किया है।

गृह राज्य मंत्री ने कहा कि अमेरिकी ड्रग प्रवर्तन प्रशासन (US-DEA) और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर के सहयोग से एनसीबी तथा अन्य ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों (DLEAs) के अधिकारियों के लिए नियमित क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अधिकारियों को साइबर आधारित ड्रग जांच, डिजिटल फॉरेंसिक, डार्कनेट की निगरानी, क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मामलों की जांच और तकनीक आधारित ड्रग तस्करी से निपटने का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।