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मेरठ मेट्रो की पहली तस्वीर आई सामने, 120 किमी की स्पीड से दौड़ेगी, इन स्टेशनों पर चलेगी

मेरठ मेट्रो ट्रेन का मॉडर्न लुक आज सबके सामने आ गया। गाजियाबाद के दुहाई स्टेशन पर मॉर्डन मेट्रो के लुक की रिवीलिंग सेरेमनी हुई। जहां मेट्रो के लुक और उसकी खासियतों से लोगों को रूबरू कराया गया। एनसीआरटीसी के अनुसार, जून 2025 में मेरठ में मेट्रो चलने लगेगी। रैपिडेक्स के कॉरिडोर पर ही यह मेट्रो चलाई जाएगी। मेरठ के परतापुर से मेरठ में ही मोदीपुरम स्टेशन तक 23 किमी की दूरी ये मेट्रो कवर करेगी। भविष्य में इस रूट को आगे बढ़ाया भी जा सकता है।

जहां मेट्रो में एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन आरामदायक कुशन वाली सीटें हैं। ट्रेन में स्ट्रेचर/व्हीलचेयर के लिए स्पेस दिया गया है। मेट्रो स्टेशनों में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के लिए बड़ी लिफ्ट दी गई है।

अब जानिए मेरठ मेट्रो की खासियतें जानें-

आपको बता दे 700 लोग सफर कर सकेंगे मेट्रो में 3 कोच हैं। यात्रियों के बैठने के लिए 173 सीटें हैं। एक साथ 700 लोग सफर कर सकते हैं। मेरठ मेट्रो ट्रेन वातानुकूलित है, जिसमें यात्रियों के लिए लगेज रैक, ग्रैब हैंडल, सीसीटीवी, यूएसबी मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, डायनॉमिक रूट मैप सहित कई अन्य आधुनिक हैं। ट्रेन के सभी दरवाजों पर पुश बटन हैं। जब ट्रेन रुकी होगी तो हरी लाइट जलेगी। दरवाजे खोलने के लिए बटन दबानी होगी। इससे ऊर्जा की खपत कम होगी। ट्रेन में पैसेंजर इमर्जेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम, अग्निशामक यंत्र, अलार्म और टॉक-बैक सिस्टम जैसे सुरक्षा उपकरण भी हैं।स्ट्रेचर या व्हीलचेयर से मरीजों को भी ले जा सकेंगे मेट्रो ट्रेन के प्रत्येक कोच में महिला यात्रियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए रिजर्व सीटें हैं। ट्रेन में मरीजों के लिए स्ट्रेचर/व्हीलचेयर ले जाने का स्पेस दिया गया है। अंदर इसके लिए भी जगह फिक्स है। मेट्रो स्टेशनों में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के लिए बड़ी लिफ्ट दी गई है। दिव्यांगों के लिए अलग सीट है। मेरठ मेट्रो ट्रेनसेट का बाहरी हिस्सा हरे, नीले और नारंगी रंग का आकर्षक है जो तकनीकी उन्नति और 'नए भारत' को व्यक्त करता है।

वही 120 की स्पीड में दौड़ेगी मेरठ मेट्रो की स्पीड 120 किमी/घंटे होगी। सुबह 6 से रात 10 बजे तक यह चलेगी। इसका किराया अभी तय नहीं है, मगर मेट्रो से जुड़े अफसरों का कहना है कि रैपिड ट्रेन से ज्यादा किराया नहीं होगा। ट्रेन जून 2025 से चलेगी। कुल 12 ट्रेन सेट आनी हैं, अभी 5 सेट आ चुकी है। ट्रेन के सभी दरवाजों पर पुश बटन हैं। जब ट्रेन रुकी होगी तो हरी लाइट जलेगी। दरवाजे खोलने के लिए बटन दबानी होगी। मेरठ मेट्रो के 13 स्टेशन होंगे मेरठ मेट्रो 13 स्टेशनों के साथ 23 किमी की दूरी को कवर करेगा। इसमें परतापुर साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दीनगर, ब्रह्मापुरी, मेरठ सेंट्रल, भैंसाली, बेगमपुल, MES कॉलोनी, डोरली, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम और मोदीपुरम डिपो शामिल हैं। मोदीपुरम से दिल्ली के सराय काले खां तक 82 किलोमीटर का ट्रैक बनकर तैयार हो चुका है। इसमें सराय काले खां से मेरठ साउथ स्टेशन तक रैपिड रेल चलेंगी। जबकि मेरठ शहर के अंदर मेट्रो चलेगी।

दुहाई डिपो में टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू रैपिड और मेट्रो ट्रेनों के डिब्बे गुजरात की एलस्टॉम कंपनी के प्लांट में तैयार हुए हैं। अब मेट्रो ट्रेनों के डिब्बे गाजियाबाद आना शुरू हो गए हैं। फिलहाल 5 ट्रेन सेट गाजियाबाद के दुहाई डिपो में पहुंच गए हैं, जहां इनकी असेंबलिंग और टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

एनसीआरटीसी का दावा है कि जून-2025 तक मेरठ से दिल्ली तक पूरा रूट चालू हो जाएगा। अभी तक गाजियाबाद में साहिबाबाद स्टेशन से मेरठ साउथ स्टेशन तक 42 किलोमीटर में रैपिड रेल यानी नमो भारत ट्रेनों का संचालन हो रहा है।