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योगी सरकार के मिशन शक्ति फेज-6 से मजबूत हो रही नारी शक्ति, 75 जिलों में चल रहा जागरूकता अभियान

उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत व्यापक अभियान चला रही है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर 11 से 20 अक्टूबर तक चल रहे इस अभियान में महिला कल्याण विभाग अहम भूमिका निभा रहा है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं और बेटियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

अभियान का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के साथ उन्हें शिक्षा, नेतृत्व, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसरों से जोड़ना है। रैलियों, पदयात्राओं, कार्यशालाओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से नारी सशक्तीकरण का संदेश घर-घर तक पहुंचाया जा रहा है।

बेटियां एक दिन की डीएम और एसपी बनकर सीख रहीं प्रशासनिक कामकाज

महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी के मुताबिक, प्रदेश के विभिन्न जिलों में बालिकाओं को एक दिन का जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी बनाया जा रहा है। इस पहल से बेटियों को प्रशासनिक व्यवस्था समझने और निर्णय लेने की प्रक्रिया जानने का अवसर मिल रहा है।

इसका उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, नेतृत्व क्षमता विकसित करना और उन्हें भविष्य में जिम्मेदार पदों पर पहुंचने के लिए प्रेरित करना है।

75 जिलों में रैलियों और पदयात्राओं से जागरूकता

लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, अलीगढ़, भदोही, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, उन्नाव और इटावा समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में रैलियां, पदयात्राएं, प्रभात फेरियां और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, पुलिसकर्मियों, छात्राओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं हिस्सा ले रही हैं। अभियान के शुरुआती दिनों में रैलियों और पैदल मार्च में 50 हजार से अधिक लोगों ने भागीदारी की। उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और मेधावी छात्राओं को सम्मानित भी किया जा रहा है।

मेले, प्रदर्शनी स्टॉल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भी महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

साइबर सुरक्षा से बाल विवाह रोकने तक 15 गतिविधियों पर जोर

मिशन शक्ति फेज-6 के तहत महिला कल्याण विभाग 15 प्रमुख गतिविधियों पर काम कर रहा है। इनमें महिला सम्मान समारोह, बालिका नेतृत्व विकास, करियर काउंसलिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से जुड़ी कार्यशालाएं शामिल हैं।

साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के तरीके भी बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही बाल सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की पहचान कर उसकी सूचना देने के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कार्यस्थलों पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम के लिए पॉश अधिनियम-2013, विधिक साक्षरता शिविर और लोक अदालत से जुड़ी सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। बाल विवाह और दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ शपथ, जनसंवाद और यातायात सुरक्षा अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

सरकारी योजनाओं से महिलाओं को जोड़ने पर फोकस

अभियान के तहत विभागीय टीमें गांवों, कस्बों और शहरों में महिलाओं तथा उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दे रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और निराश्रित महिला पेंशन योजना शामिल हैं।

इन प्रयासों का मकसद पात्र महिलाओं और परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाना है, ताकि आर्थिक और सामाजिक रूप से जरूरतमंद लोगों को सहायता मिल सके।

1.18 लाख से अधिक बालिकाएं वित्तीय साक्षरता गतिविधियों से जुड़ीं

बालिकाओं को आर्थिक रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय साक्षरता पर भी जोर दिया जा रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार, बेसिक शिक्षा विभाग की वित्तीय साक्षरता गतिविधियों से अब तक 1,18,657 बालिकाएं जुड़ चुकी हैं।

इसके जरिए बालिकाओं को आर्थिक समझ विकसित करने, भविष्य की योजना बनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। करियर मार्गदर्शन, विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी अभियान का हिस्सा है।

जरूरतमंद महिलाओं को सुरक्षित आश्रय और सहायता की जानकारी

मिशन शक्ति के तहत महिला शरणालय, शक्ति सदन, सखी निवास और नारी संरक्षण गृह जैसी सुविधाओं की जानकारी जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाई जा रही है। इसका उद्देश्य संकट के समय महिलाओं को सुरक्षित आश्रय और जरूरी सहायता उपलब्ध कराना है।

आपातकालीन हेल्पलाइन के प्रचार-प्रसार के जरिए भी महिलाओं को बताया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर सहायता कैसे प्राप्त की जा सकती है। विभागीय अधिकारियों को अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है। योगी सरकार मिशन शक्ति के प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक बनाने तथा उनके लिए सुरक्षित और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।