उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में लखनऊ-हरदोई सीमा पर विकसित हो रहे पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क के मास्टर डेवलपर के चयन को मंजूरी दी गई। इसके लिए मैसर्स रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को प्रेफर्ड बिडर चुना गया है।
करीब 1,947 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना को 1,000 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। सरकार के अनुसार, पार्क से लगभग एक लाख कुशल और अकुशल युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
1,000 एकड़ में विकसित होगा टेक्सटाइल पार्क
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पीएम मित्र योजना के तहत विकसित होने वाला यह पार्क उत्तर प्रदेश को वस्त्र, परिधान और फैशन टेक्नोलॉजी के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
परियोजना की अनुमानित लागत 1,947 करोड़ रुपये है। इसमें भारत सरकार की ओर से 30 प्रतिशत तक, अधिकतम 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान है। पार्क से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के निवेश को आकर्षित करने के साथ बुनकरों, परिधान निर्माताओं और निर्यातकों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
99 साल की लीज पर दी गई जमीन
वस्त्रोद्योग विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर के मुताबिक, पार्क का विकास और संचालन भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त स्वामित्व वाली कंपनी पीएम मित्र पार्क उत्तर प्रदेश लिमिटेड के माध्यम से किया जाएगा। इस कंपनी में उत्तर प्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत और केंद्र सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
परियोजना के लिए 1,000 एकड़ जमीन एसपीवी को 1 रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की सांकेतिक दर पर 99 साल की लीज पर उपलब्ध कराई गई है। मास्टर डेवलपर के चयन के लिए देश के आठ प्रमुख महानगरों में राष्ट्रीय निविदा प्रक्रिया अपनाई गई। तकनीकी और वित्तीय जांच के बाद रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को योग्य पाया गया।
यह परियोजना डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण (DBFOT) आधारित सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित होगी। इसमें पांच साल का निर्माण काल और कुल 50 साल की रियायत अवधि निर्धारित की गई है।
फैक्ट्री शेड से लेकर लॉजिस्टिक्स हब तक मिलेंगी सुविधाएं
टेक्सटाइल पार्क में उद्योगों की जरूरतों के अनुसार आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें आंतरिक सड़कें, बिजली वितरण नेटवर्क, तैयार फैक्ट्री शेड, इनक्यूबेशन सेंटर और कॉमन बॉयलर शामिल होंगे।
राज्य सरकार पार्क तक छह लेन की सड़क, 24 घंटे बिजली और पानी की बाहरी व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा श्रमिकों के लिए सुरक्षित हॉस्टल, आवासीय परिसर, स्वास्थ्य केंद्र और कौशल विकास प्रशिक्षण संस्थान भी बनाए जाएंगे। माल के भंडारण और परिवहन को आसान बनाने के लिए वेयरहाउसिंग तथा आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
औद्योगिक अपशिष्ट जल का होगा शोधन
पर्यावरण संरक्षण के लिए पार्क में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज आधारित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। इससे औद्योगिक अपशिष्ट जल का शोधन और पुनर्चक्रण किया जा सकेगा। सरकार को उम्मीद है कि इस परियोजना से प्रदेश में वस्त्र और परिधान उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, निवेश के नए अवसर बनेंगे और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।