बांग्लादेश की सियासी हलचल का असर पश्चिम बंगाल में कोलकाता के मछली प्रेमियों पर पड़ सकता है। हालांकि बांग्लादेश सरकार ने बढ़ती घरेलू मांग को देखते हुए 2012 से मशहूर पद्मा हिल्सा का निर्यात रोक दिया था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सद्भावना के तौर पर दुर्गा पूजा में मछलियां निर्यात करने की इजाजत देती थीं।
इस साल कोलकाता के मछली प्रेमियों को दुर्गा पूजा के दौरान पसंदीदा पद्मा हिल्सा की कमी महसूस हो सकती है। कोलकाता के मछली व्यापारियों के मुताबिक, बांग्लादेश हर साल भारत को करीब 4,000 मीट्रिक टन पद्मा हिल्सा आयात करने की इजाजत देता था।
एक महीने चलने वाली दुर्गा पूजा के दौरान करीब 800 से 1,100 मीट्रिक टन हिल्सा मछली आयात की जाती थी। अब कोलकाता के मछली व्यापारियों को भारी नुकसान का डर है। उन्हें आशंका है कि इस साल पद्मा हिल्सा का आयात नहीं होगा या कम होगा।
फिश इम्पोर्टर्स एसोसियेशन बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस को चिट्ठी लिखने की योजना बना रहा है। उनसे पुरानी परंपरा के मुताबिक भारत को पद्मा हिल्सा निर्यात करने की गुजारिश की जाएगी।
पद्मा हिल्सा बांग्लादेश की राष्ट्रीय मछली है। इसे अमूमन पेट्रापोल सीमा से बोनगांव के रास्ते पश्चिम बंगाल लाया जाता था। वहां से इसे पूरे भारत में भेजा जाता था। मछली प्रेमियों को उम्मीद है कि इस साल भी दुर्गा पूजा के दौरान उन्हें पसंदीदा हिल्सा का स्वाद चखने को मिलेगा।