उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के क्षेत्र में बड़े बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले जिन बेटियों के लिए घर से बाहर निकलना चुनौतीपूर्ण था, आज वही महिलाएं नाइट शिफ्ट में काम कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति दे रही हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं, जबकि महिला कार्यबल भागीदारी दर 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत के पार पहुंच गई है।
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सरकार की उपलब्धियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश को ‘उपद्रव प्रदेश’ से ‘उत्सव प्रदेश’ बनाने के साथ नारी सशक्तीकरण को नई दिशा दी है।
माताओं के स्वास्थ्य से बेटियों के भविष्य तक योजनाओं का लाभ
सीएम योगी ने कहा कि सरकार माताओं के स्वास्थ्य, बच्चों के पोषण और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कई योजनाएं चला रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान से माताओं एवं शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण को मजबूती मिली है। वहीं, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और सुकन्या समृद्धि योजना के जरिए बेटियों के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है।
मिशन शक्ति और सेफ सिटी से महिलाओं की सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन शक्ति, ऑपरेशन कायाकल्प, कस्तूरबा बालिका विद्यालय, सेफ सिटी, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर वर्किंग वुमन हॉस्टल जैसी पहलें महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना और उन्हें शिक्षा से लेकर रोजगार तक आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।
‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ का लक्ष्य
सीएम योगी ने भारतीय संस्कृति के आदर्श ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार इसी भावना के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाकर ही प्रदेश के विकास को नई गति दी जा सकती है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के संकल्प के जरिए ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।