तेलंगाना में श्रीशैलम सुरंग नहर परियोजना के निर्माणाधीन खंड की छत का एक हिस्सा ढह जाने से आठ व्यक्ति अंदर फंस गए हैं और उन्हें बाहर निकालने के लिए बचावकर्ता सुरंग के काफी अंदर पहुंच गए हैं। सुरंग से लगभग 150 किलोमीटर दूर नागरकुरनूल जिले में घटनास्थल पर पहुंची टीम ने फंसे हुए लोगों के नाम पुकारे, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। बचावकर्मी सुरंग के अंदर 13 किलोमीटर तक पहुंच गए हैं। राज्य के मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी और जे कृष्ण राव बचाव कार्य की निगरानी के लिए घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
बचावकर्मियों को लोहे, कीचड़ और सीमेंट के ब्लॉक से भरा मलबा हटाना होगा। बचाव दल 13 किलोमीटर तक पहुंचने में सफल रहे। वे उस स्थान पर स्थिति का आकलन कर रहे हैं, जहां शनिवार को आखिरी बार सुरंग खोदने वाली मशीन रखी गई थी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को कहा, ‘‘(बचाव) दल लगभग अंतिम बिंदु (मशीन तक) पहुंच चुका है। हम स्थिति का आकलन कर रहे हैं।’’ आठ में से छह (दो इंजीनियर और चार मजदूर) ‘जयप्रकाश एसोसिएट्स’ के हैं और दो अमेरिकी कंपनी के कर्मचारी हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को शनिवार को फोन कर घटना की जानकारी ली और बचाव अभियान के लिए केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। हाल ही में निर्माण कार्य फिर से शुरू होने के बाद शनिवार सुबह पहली पाली में 50 लोग 200 मीटर लंबी ‘सुरंग बोरिंग मशीन’ लेकर सुरंग के अंदर गए थे।
इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘‘वे सुरंग के अंदर 13.5 किलोमीटर तक गए थे, तभी अचानक छत ढह गई। मशीन के आगे चल रहे दो इंजीनियरों समेत आठ सदस्य फंस गए, जबकि 42 अन्य सुरंग के बाहरी गेट की ओर भागे और बाहर आ गए।’’
तेलंगाना सुरंग हादसा: बचाव दल फंसे श्रमिकों के करीब पहुंचे
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