तमिलनाडु के चेन्नई में सीपीआई ने तीन नए आपराधिक कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व तमिलनाडु सीपीआई के उप-सचिव एम. वीरपांडियन ने किया।
एम. वीरपांडियन ने कहा कि केंद्र सरकार ने सही प्रक्रिया का पालन किए बिना तीन कानूनों को पारित किया है। उन्होंने कहा कि संविधान के मुताबिक किसी भी कानून को विपक्ष की सहमति से ही पारित होना चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार ने ऐसा नहीं किया।
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) ने गुलामी के जमाने से चले आ रहे भारतीय दंड संहिता, आपराधिक प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ले ली है।