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SIR से जुड़े कामों का बहिष्कार करेगा तमिलनाडु राजस्व कर्मचारी संघ, काम के ज्यादा दबाव का दिया हवाला

Tamilnadu: राजस्व कर्मचारी संघों के महासंघ (फेरा) ने सोमवार को राज्य भर में दो चरणों में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की, जिसमें एसआईआर से जुड़े कामों का पूर्ण बहिष्कार भी शामिल है। फेरा का कहना है कि इस प्रक्रिया से 'काम का भारी दबाव' पैदा हो रहा है।

फेरा के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया "सही योजना, प्रशिक्षण, अतिरिक्त कर्मचारियों या वित्तीय आवंटन के बिना" की जा रही है, जिससे राजस्व अधिकारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है। संघ ने कहा कि इससे कई स्तरों पर अधिकारियों में "अत्यधिक कार्य तनाव और मानसिक पीड़ा" पैदा हो रही है।

फेरा ने अपने बयान में कहा, "तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पहले ही एक ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है। कुछ जिला कलेक्टर "समीक्षा बैठकों" की आड़ में अधीनस्थ अधिकारियों को परेशान कर रहे हैं।

राजस्व अधिकारी सभी जिला कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपेंगे, जिसके बाद जिला और तालुका मुख्यालयों पर प्रदर्शन होंगे। बयान में कहा गया है, "सभी राजस्व अधिकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े कामों का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। इसमें फॉर्म प्राप्त करना, डिजिटलीकरण कार्य और एसआईआर समीक्षा बैठकों में हिस्सा लेना शामिल है।"

फेरा ने तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष एसआईआर के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कराने और बीएलओ, पर्यवेक्षकों और दूसरे कर्मचारियों के लिए उचित प्रशिक्षण पक्का करने के लिए चार प्रमुख मांगें रखी हैं। वे बीएलओ और पर्यवेक्षी स्तर पर बिना किसी गलती के काम करने के लिए स्वयंसेवकों समेत अतिरिक्त कर्मियों की नियुक्ति की भी मांग कर रहे हैं।

फेरा ने जिला कलेक्टरों से देर रात तक या अत्यधिक समीक्षा बैठकें आयोजित न करने, कर्मचारियों को सरकारी छुट्टियों पर भी काम करने के लिए मजबूर न करने और बीएलओ, पर्यवेक्षकों और भारी कार्यभार संभालने वाले बाकी लोगों को एक महीने का मानदेय देने का आग्रह किया है।