तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार के नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड (NLC India) में अपनी हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। केंद्र सरकार NLC इंडिया में अपनी 3% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। इसमें 2% बेस ऑफर और 1% ग्रीन-शू ऑप्शन शामिल है।
मुख्यमंत्री विजय ने अपने पत्र में कहा कि तमिलनाडु सरकार NLC इंडिया को केवल एक सूचीबद्ध कंपनी नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा, खनिज विकास और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़ी एक रणनीतिक राष्ट्रीय संपत्ति मानती है। उन्होंने कहा कि सरकार की हिस्सेदारी कम करने से ऐसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपक्रमों में सरकारी स्वामित्व कमजोर होने का गलत संदेश जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि NLC का मुख्यालय नेवेली में है और इसके विकास में तमिलनाडु सरकार और यहां के लोगों का वर्षों से महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा कि यह मामला केवल आर्थिक नहीं है, बल्कि तमिलनाडु के लोगों के हितों और देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। तमिलनाडु सरकार का कहना है कि जिन सार्वजनिक उपक्रमों की स्थापना और विस्तार किसी राज्य के सहयोग से हुआ है, उन पर सरकार का प्रभावी स्वामित्व और नियंत्रण बना रहना चाहिए। मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री मोदी से NLC में हिस्सेदारी बेचने के फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है और उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार राज्य की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करेगी।