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TMC नेता काजल घोष गिरफ्तार, जमीन फर्जीवाड़े के मामले में कोर्ट ने भेजा 3 दिन की पुलिस हिरासत में

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता काजल घोष को रविवार रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दार्जिलिंग जिला पुलिस ने उन्हें कथित जमीन फर्जीवाड़े के मामले में गिरफ्तार किया है। काजल घोष TMC के पूर्व बूथ अध्यक्ष भी रह चुके हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

यह मामला 72 साल की एक महिला की जमीन से जुड़ा बताया जा रहा है। महिला की जमीन पर कथित तौर पर अवैध कब्जा किया गया था। यह जमीन उसे वर्ष 1980-81 में तत्कालीन CPI(M) सरकार के दौरान आवंटित की गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस को जमीन के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी की जानकारी मिली। आरोप है कि दबाव बनाकर या फर्जी दस्तावेजों की मदद से जमीन के सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव किया गया।

ACJM कोर्ट में सरकारी पक्ष ने आरोप लगाया कि काजल घोष का इलाके में काफी प्रभाव है। आरोप है कि इसी प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए वेस्टेड लैंड यानी सरकारी जमीन के एक हिस्से का म्यूटेशन उनके नाम पर कराया गया। म्यूटेशन का मतलब जमीन के सरकारी रिकॉर्ड में नए मालिक या जमीन पर अधिकार रखने वाले व्यक्ति का नाम दर्ज करना होता है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन के रिकॉर्ड में कथित बदलाव किस तरह किया गया। इसके लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ और इस पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी भी जांच की जा रही है।

काजल घोष को FIR और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कोर्ट में पेश किया गया। सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान कुछ अहम सबूत सामने आए हैं, लेकिन अभी जांच पूरी नहीं हुई है। इसी वजह से पुलिस ने काजल घोष की हिरासत की मांग की। कोर्ट ने उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। अब पुलिस उनसे पूछताछ करेगी और जमीन के दस्तावेजों, सरकारी रिकॉर्ड और म्यूटेशन से जुड़े कागजात की जांच करेगी।

इस मामले की FIR में काजल घोष की पत्नी का नाम भी दर्ज है। उन्हें मामले में दूसरा आरोपी बताया गया है। सरकारी वकील के अनुसार, उनकी पत्नी को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है और वह फरार बताई जा रही हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव कराने में उनकी क्या भूमिका थी। जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।

पुलिस अब जमीन के मूल दस्तावेज, सरकारी रिकॉर्ड और म्यूटेशन से जुड़े कागजात की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि 72 साल की महिला की जमीन पर कथित तौर पर कब्जा कैसे किया गया और रिकॉर्ड में बदलाव किस प्रक्रिया के तहत हुआ। फिलहाल काजल घोष पर लगाए गए आरोप पुलिस की जांच के दायरे में हैं। इन आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है। पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की स्थिति साफ हो पाएगी।