उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बैठक में लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, शहरी विकास और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस दौरान तीन कंपनियों के साथ निवेश से जुड़े समझौतों और एक परियोजना के लिए पात्रता प्रमाणपत्र की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिंगापुर की तकनीक और उत्तर प्रदेश की क्षमता मिलकर वैश्विक विकास की नई इबारत लिख सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेश के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने से लेकर फैक्ट्री में उत्पादन शुरू होने तक निवेशकों को हर जरूरी सहयोग देगी।
यूपी में देश के 55% मोबाइल और 60% इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का निर्माण

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत की है। इसी तरह उत्तर प्रदेश भी अपनी पुरानी छवि से बाहर निकलकर देश के ग्रोथ इंजन के रूप में उभरा है। उनके मुताबिक, प्रदेश की जीडीपी, वार्षिक बजट और प्रति व्यक्ति आय में तीन गुना वृद्धि हुई है। महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी भी तीन गुना बढ़ी है।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि देश के कुल मोबाइल उत्पादन का लगभग 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण का 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए 75 हजार एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है और 27 एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
जेवर एयरपोर्ट के पास सिंगापुर सिटी बनाने का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल के सामने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 'सिंगापुर सिटी' और हाईटेक इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे नेटवर्क और ईस्टर्न-वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ा यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए बड़ा सप्लाई चेन हब बन सकता है।

उन्होंने मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोलर एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं भी बताईं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फरवरी 2026 में उनकी सिंगापुर यात्रा के दौरान करीब ₹60,000 करोड़ के निवेश समझौतों पर सहमति बनी थी। अब सरकार का लक्ष्य इन प्रस्तावों को जमीन पर उतारकर उत्पादन शुरू कराना है।
₹775 करोड़ के यूनिवर्सल पैकेजिंग हब को मिलेगी जमीन

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मेसर्स ग्रेटर नासिक इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को पात्रता प्रमाणपत्र प्रदान किया। कंपनी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के सेक्टर-8डी में 50 एकड़ जमीन पर ₹775 करोड़ की लागत से 'यूनिवर्सल पैकेजिंग हब' स्थापित करेगी। इस परियोजना से 1,880 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसमें सिंगापुर से प्रत्यक्ष विदेशी इक्विटी भी शामिल है।

इसके अलावा, वैश्विक कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण कंपनी एग्रीकॉर्प इंटरनेशनल के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। कंपनी उत्तर प्रदेश में सोया प्रोटीन आइसोलेट और चना प्रोटीन कंसंट्रेट बनाने के लिए आधुनिक ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग इकाई स्थापित करेगी। इससे कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और उनसे मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नोएडा और सहारनपुर में कचरा प्रबंधन परियोजनाएं

सतत अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस के साथ भी एमओयू किया गया। कंपनी नोएडा के सेक्टर-145 में लगभग 7.5 लाख टन पुराने कचरे के निस्तारण और सहारनपुर में प्रतिदिन 350 टन कचरे के प्रसंस्करण की क्षमता वाला प्लांट स्थापित करने की योजना पर काम करेगी। इन परियोजनाओं में अनुमानित ₹250 करोड़ से ₹350 करोड़ तक निवेश किया जाएगा। इससे करीब 100 से 120 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
पर्यटन और शहरी विकास में भी सहयोग की संभावनाएं

बैठक में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने महाकुंभ 2025 के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश बड़े आयोजनों के प्रबंधन की क्षमता दुनिया के सामने प्रदर्शित कर चुका है।

उन्होंने अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज और बौद्ध सर्किट में विश्वस्तरीय होटल, कन्वेंशन सेंटर और पर्यटन सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं बताईं। साथ ही लखनऊ और नई टाउनशिप के विकास में सिंगापुर की शहरी नियोजन विशेषज्ञता का लाभ लेने पर जोर दिया।
सिंगापुर के निवेशकों ने की यूपी की नीतियों की सराहना

सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के चेयरमैन मार्क ली और प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा करने के बाद प्रदेश के बुनियादी ढांचे, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और निवेश-अनुकूल नीतियों की सराहना की। उन्होंने फिल्म सिटी, टॉय पार्क, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइसेज पार्क और सेमीकंडक्टर क्लस्टर जैसी परियोजनाओं में संभावनाएं देखीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों के साथ शुरुआत से उत्पादन तक खड़ी रहेगी। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में निवेश बढ़ाने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करना और उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है।