Breaking News

धर्म बदलने के साथ आरक्षण खत्म, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला     |   ‘कानून सबके लिए बराबर, पीड़ितों के साथ खड़े होना क्या गलत: सचिन पायलट     |   'PDA की हवा निकली, इनके समय में विकास नहीं हुआ', मिर्जापुर में बोले CM योगी     |   पाकिस्तान में गिरी स्कूल की छत, मारे गए 17 छात्र, एक टीचर की भी मौत     |   दिल्ली पुलिस ने बस में मारपीट के मामले में NSUI की महिला कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की     |  

सतलुज यमुना लिंक नहर मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने किया प्रदर्शन

चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने मंगलवार को चंडीगढ़ में सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर मुद्दे पर प्रदर्शन किया। शिरोमणि अकाली दल के नेता ने कहा, "पानी लूटने का ये सिलसिला कांग्रेस ने शुरू किया था और आम आदमी पार्टी इसकी रखवाली कर रही है। साथ ही बीजेपी भी इसका समर्थन कर रही है।" 

सीएम आवास के घेराव से पहले एसएडी की बैठक में पार्टी प्रमुख सुखबीर सिंह बादल भी शामिल हुए। चार अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा कि वे पंजाब में जमीन के उस हिस्से का सर्वेक्षण करे जो राज्य में एसवाईएल नहर के हिस्से के निर्माण के लिए आवंटित किया गया था।

एसवाईएल नहर की परिकल्पना रावी और ब्यास नदियों से पानी के प्रभावी आवंटन के लिए की गई थी। इस परियोजना में 214 किलोमीटर लंबी नहर की परिकल्पना की गई थी, जिसमें से 122 किलोमीटर का हिस्सा पंजाब में और बाकी 92 किलोमीटर का हिस्सा हरियाणा में बनाया जाना था।

हरियाणा ने अपने इलके में परियोजना का काम पूरा कर लिया है जबकि पंजाब ने 1982 में इसका निर्माण कार्य शुरू किया था लेकिन बाद में इसे रोक दिया गया। एसवाईएल नहर का मुद्दा पिछले कई सालों से पंजाब और हरियाणा के बीच विवाद का कारण बना हुआ है।

पंजाब का कहना है कि रावी और ब्यास नदियों से बहने वाले पानी की मात्रा काफी कम हो गई है और इसलिए वे पानी की मात्रा के पुनर्मूल्यांकन की मांग कर रहे हैं।