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दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता को पुलिस से क्लीन चिट, अधिकारियों पर टिप्पणी के मामले में 29 अक्टूबर को सुनवाई

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को सरकारी अधिकारियों पर कथित टिप्पणी के मामले में दिल्ली पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है। पुलिस ने गुरुवार को अदालत में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करते हुए कहा कि इस मामले में कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता। यह शिकायत सितंबर 2025 में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से की गई कथित टिप्पणी को लेकर दर्ज कराई गई थी।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार की अदालत ने पुलिस की रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया है। शिकायतकर्ता के वकील ने रिपोर्ट पर आपत्ति और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। अब मामले में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।

यह शिकायत राम निवास शर्मा ने दाखिल की है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शिकायत के अनुसार, 23 सितंबर 2025 को कश्मीरी गेट आईएसबीटी में दिल्ली से उत्तर प्रदेश के बड़ौत के बीच डीटीसी की अंतरराज्यीय एसी बस सेवा शुरू करने के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकारी अधिकारियों की तुलना भगवान हनुमान से की थी।

शिकायत में मुख्यमंत्री के कथित बयान का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि उन्होंने अधिकारियों के कामकाज पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि दिल्ली सरकार के अधिकारी हनुमान की तरह हैं और पूंछ में आग लगने पर ही तेजी से काम करते हैं, उससे पहले भूल जाते हैं।

दिल्ली पुलिस की ओर से कश्मीरी गेट थाने के एसआई मुकेश तोमर ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की, जिसे थाना प्रभारी ने आगे भेजा था। रिपोर्ट के साथ 23 सितंबर 2025 को दिए गए भाषण का ट्रांसक्रिप्ट और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 63(4)(c) के तहत प्रमाणपत्र भी संलग्न किया गया है।पुलिस का कहना है कि उपलब्ध सामग्री के आधार पर कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता। वहीं, शिकायतकर्ता ने रिपोर्ट पर अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा है।

यह मामला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 223 के तहत शिकायत और धारा 175(3) के तहत एफआईआर दर्ज कराने की मांग से जुड़ा है। अदालत ने फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। अभी पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट पर शिकायतकर्ता के वकील की दलीलें सुनी जानी हैं।