Breaking News

IPL 2024: मुंबई इंडियंस ने राजस्थान रॉयल्स को दिया 180 रनों का टारगेट     |   'INDIA ब्लॉक को वोट देना या फिर NDA को', पूर्णिया में बोले तेजस्वी, पप्पू यादव भी हैं उम्मीदवार     |   भाजपा का प्रतिनिधिमंडल आज मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करेगा     |   अरविंद केजरीवाल को कोर्ट से झटका, वीडियो कॉल पर डॉक्टर से परामर्श की नहीं मिली इजाजत     |   AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद संसदीय क्षेत्र के लिए नामांकन दाखिल किया     |  

IPL 2024 पहले Rajasthan Royals को बड़ा झटका, खेल परिषद ने RCA दफ्तर को किया सील

Jaipur: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2024) से ठीक पहले राजस्थान रॉयल्स को बड़ा झटका लगा है। सवाई मानसिंह स्टेडियम और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को राजस्थान राज्य खेल परिषद ने सील कर दिया है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन और राज्य खेल परिषद के बीच एमओयू को रिन्यू नहीं किया गया। जिसके चलते स्पोर्ट्स काउंसिल ने स्टेडियम और एसोसिएशन दोनों को सील कर दिया है। एसोसिएशन पर 34 करोड़ रुपये का भुगतान भी बकाया है। सवाई मानसिंह स्टेडियम में 24 मार्च को लखनऊ सुपर जायंट्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुकाबला होना है।

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष वैभव गहलोत ने बताया कि "जिस तरह से ये कार्रवाई की गई है आने वाले समय में कल आईपीएल का शेड्यूल जारी हो गया है। मैंने खुद वकील से बात की और उन्होंने कहा कि 21 तारीख तो नोटिस आया है आरसीए का और हमें 15 दिन का भी समय नहीं दिया गया। तो ये दर्शाता है कि किस तरह से ये लोग राजनीति इसके अंदर डाल रहे हैं। मैं मानता हूं कि खेल के अंदर राजनीति नहीं आनी चाहिए। बाकाया का मामला पूरा कोर्ट के अधीन चल रहा है।"

वहीं राजस्थान खेल परिषद के सोहन राम चौधरी ने कहा कि "इन्होंने एमओयू बढ़ाने का निवेदन किया तो हमने कहा कि पहले आप कम से कम पीछे की जो लायबिलिटी हैं उनकी पूर्ति करें जिससे कि आपके आवेदन पर विचार किया जा सके। लेकिन उन्होंने आज तक किसी भी लैटर का जवाब नहीं दिया। केवल इन्होंने एक लैटर लिखा कि हमारी एमओयू की अवधि को 10 साल बढ़ाया जाए बाकि किसी भी लैटर का इन्होंने जवाब नहीं दिया। आरसीए के तहत जो इनकी लायबिलिटी थीं, जो इनको कार्य करने थे उनकी भी हमें कोई सूचना नहीं दी। हमने आरसीए के साथ बैठ कर बात की है कि इसका समाधान करें, इन्होंने कहा कि इनको राशि नहीं मिली जबकि इनको करीब 200 करोड़ रुपये संभवत: मिले हैं। अभी जब राजस्थान प्रीमियर लीग कराया था तब भी इनके पास बहुत बड़ी राशि थी। लेकिन इन्होंने इस एमओयू की शर्तों का पालन नहीं किया, राशि जमा नहीं कराई तो बाध्य होकर हमें ये निर्णय लेना पड़ा।"