श्रद्धालुओं के जय बदरीविशाल के उदघोष के साथ रविवार को बदरीनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। आज सोमवार सुबह रावल, धर्माधिकारी, वेदपाठी और बदरीनाथ के हक-हकूकधारियों के साथ उद्धव व कुबेर की उत्सव डोली और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी पांडुकेश्वर के योग बदरी मंदिर के लिए प्रस्थान किया।
मंगलवार को आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी। बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने से पूर्व मंदिर परिसर में महिला मंगल दल बामणी और पांडुकेश्वर की महिलाओं ने लोकगीत व नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दी। महिलाओं ने मांगल गीत भी गाए। इस दौरान सेना व श्रद्धालुओं की ओर से जगह-जगह भंडारे का आयोजन भी किया गया।