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पार्थ पवार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में ली शपथ, जनता की आवाज उठाने का किया वादा

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का प्रतिनिधित्व करते हुए पार्थ सुनेत्रा अजित पवार ने गुरुवार को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन की उपस्थिति में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। इस शपथ ग्रहण समारोह में एनसीपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार भी शामिल थीं।

पार्थ पवार ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आज नई दिल्ली में देश के माननीय उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति श्री सी. पी. राधाकृष्णन जी की उपस्थिति में मैंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य की उपमुख्यमंत्री माननीय सुनेत्रा अजितदादा पवार सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।”

उन्होंने आगे कहा कि वे जनता के विश्वास और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए राज्यसभा में प्रभावी रूप से अपनी बात रखने का प्रयास करेंगे। उन्होंने लिखा, “मैं जनता की आवाज उठाने, उनके मुद्दों को प्रस्तुत करने और देश के विकास में योगदान देने के लिए ईमानदारी से प्रयास करूंगा।” पार्थ पवार का राज्यसभा में प्रवेश उनके पिता और पूर्व महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद हुआ है, जिनकी इस वर्ष की शुरुआत में बारामती जाते समय विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।

इससे पहले गुरुवार को एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने बारामती विधानसभा सीट पर निर्विरोध उपचुनाव कराने की अपील की। हालांकि उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा अपने उम्मीदवार को वापस लेने का फैसला पार्टी का अपना होगा। कांग्रेस ने महायुति की उम्मीदवार और एनसीपी प्रमुख सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को मैदान में उतारा है। सुनेत्रा पवार के लिए उपमुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए विधानसभा सदस्य होना जरूरी है।

शरद पवार ने कहा, “कांग्रेस ने चुनाव लड़ने का फैसला किया है। यह एक राष्ट्रीय पार्टी है, इसलिए हम उन्हें कुछ नहीं कह सकते। लेकिन यदि मुझसे पूछा जाए, तो मैं कांग्रेस को सलाह दूंगा कि बारामती में निर्विरोध चुनाव होना बेहतर होगा। फैसला कांग्रेस को लेना है।” वहीं, एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से आकाश मोरे की उम्मीदवारी वापस लेने की अपील की है।