राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मंगलवार को दिल्ली के पालम इलाके में भीषण आग लगने से एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह आग दक्षिण-पश्चिम दिल्ली की एक चार मंजिला इमारत में लगी थी, जिसमें ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोग इसकी चपेट में आ गए। आयोग ने इस घटना को मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला बताया है। NHRC ने दिल्ली के मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही पीड़ितों और घायलों को मुआवजा दिए जाने की स्थिति की जानकारी भी तलब की है।
18 मार्च को पालम इलाके में सुबह करीब 6:15 बजे आग लगी थी, जिसका कारण ग्राउंड फ्लोर की एक दुकान में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग तेजी से ऊपर की मंजिलों तक फैल गई, जिससे लोग अंदर फंस गए। इस हादसे में तीन बच्चों और 70 वर्षीय महिला समेत नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए।
राहत और बचाव कार्य के दौरान फायर ब्रिगेड को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बताया गया कि हाइड्रोलिक क्रेन में खराबी आ गई थी, जिससे बचाव कार्य में देरी हुई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर उपकरण सही तरीके से काम करते, तो और लोगों की जान बचाई जा सकती थी।इससे पहले NHRC ने राजस्थान के बाड़मेर में एक सरकारी स्कूल में पंखा गिरने से दो छात्रों के घायल होने की घटना पर भी स्वतः संज्ञान लिया था। इस मामले में भी आयोग ने जिला प्रशासन से दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है, जिसमें घायलों की स्थिति और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का ब्योरा देने को कहा गया है।