प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार शाम 5 बजे राष्ट्रीय राजधानी स्थित सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक को सरकार के कामकाज की मध्यावधि समीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। इस उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन कीमतों को लेकर चिंता बढ़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले नागरिकों से आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने, माल परिवहन के लिए रेलवे को प्राथमिकता देने और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का आग्रह किया था।
हाल ही में देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे बढ़कर ₹91.58 प्रति लीटर हो गया है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में भी ईंधन कीमतों में इसी तरह की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 15 मई को ईंधन कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद एक सप्ताह से भी कम समय में यह दूसरी बढ़ोतरी है। अमेरिका-इजरायल-ईरान तनाव के चलते वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल बना हुआ है।
मंत्रिपरिषद की यह बैठक प्रधानमंत्री मोदी के पांच देशों के दौरे के तुरंत बाद हो रही है। उन्होंने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा पूरा किया है। इटली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ बैठक की, जिसके बाद भारत और इटली ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को “स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” तक उन्नत किया। दोनों नेताओं ने संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना 2025-29 की प्रगति की समीक्षा की और व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी, शिक्षा और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।