उत्तराखंड में मानसून के दौरान खराब मौसम, भारी बारिश और भूस्खलन जैसी चुनौतियों के बावजूद इस साल चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 50 लाख के पार पहुंच गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बुधवार शाम तक बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में करीब 50.87 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। इस आंकड़े में चमोली जिले के हेमकुंड साहिब पहुंचने वाले 3.26 लाख श्रद्धालु भी शामिल हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, बदरीनाथ धाम में सबसे अधिक 17.47 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। इसके बाद केदारनाथ में 15.03 लाख, गंगोत्री में 7.95 लाख और यमुनोत्री में 7.13 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। इस साल चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से हुई थी और इसके नवंबर तक जारी रहने की संभावना है। सर्दियों की शुरुआत के साथ चारों धामों के कपाट अलग-अलग तिथियों पर बंद कर दिए जाते हैं।
मानसून के दौरान भारी बारिश, भूस्खलन और अन्य मौसम संबंधी घटनाओं के कारण चारधाम यात्रा कई बार प्रभावित हुई। खासतौर पर केदारनाथ यात्रा पर इसका असर पड़ा। इसी सप्ताह केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीड़बासा के पास भूस्खलन होने से यात्रा दो दिन से अधिक समय तक बाधित रही। मार्ग साफ किए जाने के बाद मंगलवार को यात्रा फिर शुरू कर दी गई।
सितंबर में श्रद्धालुओं की संख्या में मामूली बढ़ोतरी के साथ चारधाम यात्रा ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ी है। पिछले कुछ दिनों से औसतन करीब 13 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन चारधाम पहुंच रहे हैं। पिछले दो-तीन वर्षों में भी चारधाम यात्रा में 50 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। इस साल भी यात्रा के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या ने मानसून की चुनौतियों के बावजूद तीर्थाटन को गति दी है।