बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता दल यूनाईटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन की आज अंतिम तारीख थी। उनके खिलाफ किसी दूसरे पार्टी नेता ने नामांकन दाखिल नहीं किया जिससे वे निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं। जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में मंगलवार, 24 मार्च नामांकन की आखिरी तारीख थी। इस चुनाव में नीतीश कु्मार एक मात्र उम्मीदवार थे। अंतिम तिथि तक जेडीयू के किसी नेता ने नामांकन दाखिल नहीं किया। इसलिए आज वे जेडीयू के निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए गए।
जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय सचिव एवं मुख्यालय प्रभारी मोहम्मद निशार ने एक प्रेस विज्ञप्ति में नीतीश कुमार को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की सूचना दी है। उन्होंने कहा है कि, अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी के लिए नामांकन वापस लेने का अंतिम समय मंगलवार 24 मार्च को सुबह 11 बजे तक था। नामांकन वापस लेने का समय समाप्त होने के बाद, निर्वाचन अधिकारी के पास केवल नीतीश कुमार का नामांकन ही शेष है। इसलिए निर्वाचन अधिकारी अनिल प्रसाद हेगड़े (पूर्व सांसद, राज्यसभा) आज दोपहर में 2:30 बजे नीतीश कुमार के निर्वाचित होने का निर्वाचन प्रमाण पत्र जारी करेंगे।
उन्होंने बताया है कि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा में संसदीय दल के नेता संजय कुमार झा, केंद्र सरकार के मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार एवं पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने 19 मार्च को दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद के लिए नीतीश कुमार का नामांकन दाखिल किया था। नामांकन की अंतिम तिथि 22 मार्च थी। नीतीश कुमार के अलावा किसी अन्य ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया। इस चुनाव में नामांकन पत्र की जांच 23 मार्च को की गई थी। नाम वापसी की लिए 24 मार्च की तिथि तय थी।
यह चुनाव 27 मार्च को होना था, लेकिन मैदान में अकेले नीतीश के होने से वे निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए गए। आज दोपहर में नीतीश कुमार को राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में जीत का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। नीतीश कुमार ने सन 2003 में जनता दल यूनाईटेड का गठन किया था। जेडीयू में सबसे पहले जॉर्ज फर्नांडिस राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए थे। उन्होंने इस पद पर लगातार तीन कार्यकाल पूरे किए थे। बाद में शरद यादव भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए थे।