NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित ढंग से आयोजित कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। इसी क्रम में भारतीय सेना के एक हेलीकॉप्टर ने तमिलनाडु के तिरुनेलवेली आर्म्ड रिजर्व ग्राउंड में ट्रायल लैंडिंग की। पिछले महीने आयोजित NEET-UG परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। इसके बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 21 जून 2026 को पुनर्परीक्षा कराने की घोषणा की है।
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें अंतिम समय में परीक्षा केंद्रों तक हेलीकॉप्टर के जरिए पहुंचाने की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रश्नपत्रों को पहले दिल्ली से विमान द्वारा मदुरै लाया जाएगा। इसके बाद भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर से वायुसेना अधिकारियों की निगरानी में उन्हें तिरुनेलवेली आर्म्ड रिजर्व ग्राउंड पहुंचाया जाएगा। इसी व्यवस्था की जांच के लिए मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई। शहर के ऊपर अचानक सैन्य हेलीकॉप्टर की उड़ान देखने के बाद स्थानीय लोगों में उत्सुकता देखी गई।
इस बीच, NTA की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने Telegram प्लेटफॉर्म की पहुंच 22 जून तक सीमित कर दी है। यह कदम NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा और उसके तुरंत बाद की अवधि को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। NTA के अनुसार, कुछ संगठित गिरोह Telegram के जरिए परीक्षा के बाद फर्जी "पेपर लीक" दावे फैलाकर अभ्यर्थियों को गुमराह कर रहे थे। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत जारी निर्देशों के अनुसार Telegram को भारत में 30 जून 2026 तक मैसेज एडिटिंग फीचर भी बंद रखने को कहा गया है।
NTA ने स्पष्ट किया है कि NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगी। एजेंसी ने अभ्यर्थियों से सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारी से बचने और केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट एवं सत्यापित चैनलों से ही जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी है।साथ ही अभ्यर्थियों और अभिभावकों से परीक्षा से जुड़ी किसी भी धोखाधड़ी या संदिग्ध गतिविधि की सूचना राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर देने की अपील की गई है।