उत्तर प्रदेश के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) मेरठ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स एशिया 2027 में विश्वविद्यालय ने 694वां स्थान प्राप्त किया है। पिछले साल विश्वविद्यालय 801-850 के रैंक बैंड में शामिल था। इस बार उसने निश्चित रैंक हासिल करते हुए बड़ी छलांग लगाई है। खास बात यह है कि रैंकिंग में शामिल उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में CCSU पहले स्थान पर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच विश्वविद्यालय की यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
26 देशों के 1,722 विश्वविद्यालयों के बीच मिली जगह
इस वर्ष क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 26 देशों और क्षेत्रों के 1,722 उच्च शिक्षण संस्थानों को शामिल किया गया। इनमें भारत के 325 विश्वविद्यालय भी शामिल हैं। ऐसे प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में CCSU का 694वां स्थान हासिल करना उसकी शैक्षणिक प्रगति को दर्शाता है।
रैंकिंग के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में करीब 71 प्रतिशत भारतीय विश्वविद्यालयों की स्थिति में गिरावट आई, जबकि 18 प्रतिशत संस्थानों ने सुधार दर्ज किया।
11 मानकों पर होता है विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन
क्यूएस एशिया रैंकिंग में विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन 11 प्रमुख मानकों के आधार पर किया जाता है। इसमें अकादमिक प्रतिष्ठा को 30 प्रतिशत और नियोक्ता प्रतिष्ठा को 20 प्रतिशत वेटेज दिया जाता है। इसके अलावा शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात, अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क और शोध पत्रों पर उद्धरण को 10-10 प्रतिशत वेटेज मिलता है। इन मानकों के जरिए विश्वविद्यालयों की शिक्षण गुणवत्ता, शोध, रोजगारपरकता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी का आकलन किया जाता है।
दक्षिणी एशिया की रैंकिंग में भी 53 पायदान का सुधार
CCSU के निदेशक शोध प्रो. बीरपाल सिंह ने बताया कि क्यूएस साउदर्न एशिया रैंकिंग 2027 में भी विश्वविद्यालय ने बेहतर प्रदर्शन किया है। वर्ष 2026 में विश्वविद्यालय 254वें स्थान पर था, जबकि इस बार 201वां स्थान हासिल किया है। इस तरह एक साल में 53 पायदान का सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशनों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
सामूहिक प्रयासों से मिली उपलब्धि : कुलपति
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि क्यूएस एशिया रैंकिंग में 694वां स्थान हासिल करना विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। इसमें शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल रैंकिंग में स्थान हासिल करना नहीं, बल्कि शिक्षा, शोध, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करना है। इसके लिए आधुनिक प्रयोगशालाओं, उद्योग-अकादमिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहभागिता को और बढ़ावा दिया जाएगा।