मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 13,790 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में सिंचाई, खेल, बिजली, न्याय व्यवस्था, मेडिकल शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। कैबिनेट ने प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण और संचालन के लिए सैद्धांतिक रूप से 962.50 करोड़ रुपये मंजूर किए। इन परिसरों का नाम ‘मुख्यमंत्री खेल परिसर’ रखा जाएगा। पीएम श्री योजना के तहत इन परिसरों के मुख्य मैदान के बीच स्थायी हेलीपैड भी बनाया जाएगा, ताकि हेलीकॉप्टर की आवाजाही में सुविधा हो।
कैबिनेट ने नीमच जिले की जावद-नीमच प्रेशराइज्ड माइक्रो इरिगेशन परियोजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक अगले पांच साल जारी रखने को मंजूरी दी। इस पर 4,197.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। राजगढ़ जिले की सुथालिया सिंचाई परियोजना को भी इसी अवधि के लिए जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए 262.63 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इस परियोजना के तहत माइक्रो इरिगेशन सिस्टम के जरिए 40,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।
इसके अलावा पार्वती-रिंसी सिंचाई परियोजना के लिए 507.23 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। यह परियोजना भी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रहेगी। इसके तहत बांध का निर्माण कर 48,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने की योजना है। कैबिनेट ने बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए 2,800 मेगावाट थर्मल पावर की खरीद की प्रक्रिया शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके लिए विद्युत मंत्रालय के DBFOO मॉडल के तहत प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
कैबिनेट ने 16वें वित्त आयोग की अवधि यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक ग्राम न्यायालय योजना जारी रखने के लिए 554.61 करोड़ रुपये मंजूर किए। इसके अलावा मध्य प्रदेश विधिक सहायता एवं विधिक सलाह बोर्ड की योजना के लिए 524 करोड़ रुपये और फैमिली कोर्ट की स्थापना की योजना जारी रखने के लिए 1,000 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के तहत ‘हाई कोर्ट (Charged)’ योजना को जारी रखने के लिए 2,015.60 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने वाणिज्यिक कर विभाग की छह योजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 969.87 करोड़ रुपये मंजूर किए। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में इंदौर स्थित सरकारी डेंटल कॉलेज में 13 नए शिक्षण पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। इनमें एक प्रोफेसर, 10 एसोसिएट प्रोफेसर और दो असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। नए पदों के बाद BDS की सीटें 63 से बढ़कर 100 और MDS की सीटें 35 से बढ़कर 44 करने का लक्ष्य है।
कैबिनेट ने नए बने मैहर और पांढुर्णा जिलों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) के जिला कार्यालय खोलने को मंजूरी दी है। इसके अलावा सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लॉक में उपखंड कार्यालय भी बनाया जाएगा। मैहर जिला कार्यालय के लिए पांच स्थायी पद और दो आउटसोर्स कार्यालय सहायकों के पद मंजूर किए गए हैं। पांढुर्णा में भी पांच स्थायी पद और दो आउटसोर्स कार्यालय सहायक होंगे। वहीं चितरंगी के प्रस्तावित उपखंड कार्यालय के लिए तीन स्थायी पद और एक आउटसोर्स कार्यालय सहायक का प्रावधान किया गया है।