राजस्थान की कोटा पुलिस ने मेटा के सोशल मीडिया प्लेटफार्मों, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़ी चीजें देखने वाले छात्र-छात्राओं की पहचान के लिए कंपनी के साथ करार किया है, ताकि समय रहते इसे रोका जा सके। पुलिस का दावा है कि हफ्ते भर पहले हुए करार के बाद से उसने कोटा में झुंझुनू के एक छात्र को आत्महत्या करने से रोक दिया।
देश भर से युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोटा आते हैं। कोटा में इस साल नौ छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या की है। सबसे हालिया मामला 30 अप्रैल को सामने आया। साल 2023 में, शहर में कोचिंग ले रहे छात्रों की आत्महत्या के 26 मामले दर्ज किए गए, जो अब तक सबसे ज्यादा है।
हालांकि, करार के तहत मेटा न केवल शहर, बल्कि पूरे राजस्थान के साथ ऐसी जानकारी शेयर करेगा। मेटा से मिली जानकारी पर काम करने के लिए शहर के अभय कमांड सेंटर में आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में 24 घंटे काम करने वाली एक टीम तैनात की गई है। ये टीम संबंधित इलाके की पुलिस को सूचना देगी, ताकि वह समय पर इसे रोक सके।