ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में घाटी में बढ़ते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार ने एहतियात के तौर पर स्कूल और कॉलेज दो दिन के लिए बंद करने का फैसला किया है। शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। मंत्री ने कहा कि हमने स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय दो दिनों तक बंद रखने का फैसला किया है। सरकार स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है और परिस्थितियों के अनुसार शिक्षण संस्थानों को फिर से खोलने का निर्णय लिया जाएगा।
यह फैसला अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद घाटी में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए लिया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले 23 फरवरी 2026 को कश्मीर और जम्मू के विंटर ज़ोन में 9वीं से 12वीं कक्षा के स्कूलों में पढ़ाई दोबारा शुरू हुई थी। इसके पहले, 11 दिसंबर 2025 से 22 फरवरी 2026 तक 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए विंटर वेकेशन घोषित किया गया था।
प्री-प्राइमरी (बालवाटिका) के लिए छुट्टियां 26 नवंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक थीं, जबकि 1 से 8वीं कक्षा के छात्रों के लिए छुट्टियां 1 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक चलती रहीं। इस दौरान शिक्षण स्टाफ को किसी भी अकादमिक गतिविधि के लिए उपलब्ध रहने का निर्देश दिया गया था। कॉलेजों के मामले में, कश्मीर डिवीजन के डिग्री कॉलेजों ने 52 दिनों की विंटर वेकेशन 24 दिसंबर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक मनाई। सरकार ने स्पष्ट किया कि स्थिति सामान्य होते ही स्कूल और कॉलेज दोबारा खोले जाएंगे।