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ड्रग्स रखने के 28 साल पुराने केस में पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट दोषी करार

गुजरात के पालनपुर शहर के सेशन कोर्ट ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी संजीव भट्ट को 1996 के ड्रग्स जब्ती मामले में बुधवार को दोषी करार दिया। इस मामले में अदालत गुरुवार दोपहर को सजा सुना सकती है। पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट को एनडीपीएस मामले में पालनपुर कोर्ट ने दोषी पाया। 

संजीव भट्ट को कोर्ट से पालनपुर सबजेल ले जाया गया। संजीव भट्ट पर 1996 में पालनपुर के एक होटल में राजस्थान के एक वकील के कमरे में गलत तरीके से ड्रग्स रखने, दुकान खाली करने की धमकी देने और वकील को लालच देने का आरोप है। पांच सितंबर 2018 को संजीव भट्ट को सीआईडी क्राइम ने गिरफ्तार किया था।

पिछले साल अगस्त में गुजरात हाईकोर्ट ने 27 साल पुराने ड्रग प्लांटिंग मामले में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी संजीव भट्ट के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया था।बता दें, इस मामले की शुरुआत 1996 में तब हुई, जब  राजस्थान के एक वकील को बनासकांठा पुलिस ने पालनपुर में उसके होटल के कमरे से ड्रग्स की जब्ती के बाद गिरफ्तार किया था।

इस दौरान भट्ट बनासकांठा में पुलिस अधीक्षक थे।  लेकिन गिरफ्तारी के बाद राजस्थान पुलिस ने आरोप लगाया कि भट्ट की टीम ने संपत्ति विवाद के सिलसिले में वकील को गलत तरीके से परेशान करने के लिए झूठा मामला दर्ज किया था। वहीं एक अलग कानूनी प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल फरवरी में भट्ट की एक याचिका खारिज कर दी थी। याचिका का उद्देश्य जनवरी 2023 के गुजरात हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देना था, जिसने मुकदमे को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च, 2023 तक बढ़ा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को ‘व्‍यर्थ’ माना और भट्ट पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।