MP: कल्पना कीजिए, एक अपशब्द के इस्तेमाल पर आपको 500 रुपये का जुर्माना भरना पड़े या एक घंटे गांव की गलियों में सफाई करनी पड़े। जी हां, मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के बोरसर गांव के लोगों की यही हकीकत है, जहां अपशब्दों के इस्तेमाल पर सख्त सामुदायिक नियम लागू किए गए हैं।
कुछ हजार की आबादी वाले इस गांव ने खुद को अपशब्द-मुक्त घोषित कर दिया है और दैनिक जीवन में गाली-गलौज को खत्म करने का संकल्प लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि ये बदलाव जमीनी स्तर पर पहले से ही दिखाई दे रहे हैं, खासकर बच्चों के बीच अपशब्दों के इस्तेमाल में काफी कमी आई है।
बोरसर गांव के निवासी अब एक प्रेरणा देने वाले उदाहरण के रूप में खड़े हैं कि कैसे एक छोटा सा व्यवहारिक बदलाव दैनिक बातचीत में सम्मान और गरिमा को बढ़ावा दे सकता है।