Breaking News

वेस्ट एशिया संकट पर IGoM की चौथी बैठक, PM मोदी ने जोखिम कम करने के कदमों पर दिया जोर     |   अमेरिका के साथ अगले दौर की बातचीत की तारीख तय नहीं: ईरान     |   राहुल गांधी को बड़ी राहत: दोहरी नागरिकता मामले में FIR पर रोक, HC ने नोटिस देने को कहा     |   होर्मुज में ईरानी प्रतिबंध के बीच हुई गोलीबारी के बाद भारतीय टैंकरों ने रास्ता बदला     |   होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहे दो जहाजों ने दी गोलीबारी की सूचना     |  

West Bengal: इस्कॉन मानवता की सेवा में निभा रहा अहम भूमिका, मायापुर में बोले अमित शाह

West Bengal: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) पूरे विश्व में ‘सनातन धर्म’ का ध्वज फहराने और आपदाओं के दौरान राहत कार्य और सामाजिक कल्याण गतिविधियों के माध्यम से मानवता की सेवा करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

शाह ने पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के मायापुर के इस्कॉन मुख्यालय में भक्तों को संबोधित करते कहा कि वे इस आध्यात्मिक केंद्र में अपनी आधिकारिक क्षमता में नहीं, बल्कि चैतन्य महाप्रभु के भक्त के रूप में आए हैं। केंद्रीय मंत्री ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भाइयो और बहनो, आपने आदरपूर्वक मुझे भारत का गृह मंत्री कहा, लेकिन मैं उस हैसियत से यहां नहीं आया हूं। मैं यहां चैतन्य महाप्रभु के एक समर्पित अनुयायी के रूप में आया हूं।’’

शाह ने कहा कि उनकी लंबे समय से मायापुर आने की इच्छा थी, लेकिन परिस्थितियों के कारण यात्रा में देरी हुई। वे भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर की 152वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘भक्तिसिद्धांत का सबसे बड़ा योगदान भक्तिवेदांत प्रभुपाद जैसे शिष्य को तैयार करना था। आज विश्व स्तर पर फैला इस्कॉन आंदोलन इन दोनों महान पवित्र आत्माओं के जीवन भर के कार्यों का परिणाम है।’’

शाह ने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री के रूप में जब वे पूरे देश की यात्रा करते थे तो संपूर्ण राष्ट्र में इस्कॉन के प्रभाव को देखते थे। उन्होंने बताया कि संगठन द्वारा प्रकाशित भगवद गीता सभी आयु वर्ग और व्यवसायों के लोगों के लिए सुलभ है।

केंद्रीय मंत्री ने इस्कॉन द्वारा मानवता की सेवा को रेखांकित करते हुए कहा कि संगठन की भूमिका भक्ति से परे है, जिसमें खाद्य वितरण शिविर और आपदाग्रस्त क्षेत्रों में सबसे पहले मदद के लिए इसका पहुंचना शामिल है। उन्होंने गरीबों को स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ भारतीय त्योहारों के माध्यम से युवाओं को जोड़ने के क्षेत्र में इस्कॉन के कार्यों की भी सराहना की।