बंगाल की खाड़ी से उठे तूफान के गुजरात की ओर बढ़ने की आशंका के बीच सूरत में सरकारी मशीनरी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। खराब मौसम और संभावित नुकसान को देखते हुए राज्य प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सूरत नगर निगम आयुक्त एम. नागराजन ने बताया कि क्षेत्र के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार ने 31 जुलाई को सूरत शहर और जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की ओर से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
आयुक्त ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा राहत दलों को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमों को तुरंत तैनात किया जा सकता है। तेज हवाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए सूरत नगर निगम ने भी अभियान शुरू किया है। शहर में 150 होर्डिंग और 100 खतरनाक पेड़ों को हटाया गया है। इसके अलावा हाई-मास्ट टावरों को भी सुरक्षित किया गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए शेल्टर होम भी खोले गए हैं।
अहमदाबाद मौसम विभाग के अनुसार, 31 जुलाई से 1 अगस्त तक गुजरात में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, 31 जुलाई को गुजरात क्षेत्र में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, डीप डिप्रेशन आज सुबह 8:30 बजे पश्चिम-मध्य छत्तीसगढ़ और उससे सटे विदर्भ तथा दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर केंद्रित था। इसके अगले 12 घंटों के दौरान लगभग पश्चिम दिशा में बढ़ने और कमजोर होकर डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह विदर्भ और दक्षिण मध्य प्रदेश से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है।
वहीं, मानसून ट्रफ सक्रिय है और अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर स्थित है। इसके अलावा, मध्य और उससे सटे उत्तर प्रायद्वीपीय भारत में करीब 21 डिग्री उत्तरी अक्षांश के आसपास एक पूर्व-पश्चिम शियर जोन भी बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में कुछ स्थानों पर बारिश दर्ज की गई है।