Jammu and Kashmir: लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से मंगलवार को जम्मू क्षेत्र में नदियां उफान पर थीं, तेज़ पानी ने रास्ते में आने वाली हर चीज़ को तहस-नहस कर दिया। चट्टानों, पेड़ों और ढलानों से गिरकर 5 लोगों की मौत हो गई, वहीं 14 लोग घायल हैं।
बारिश ने न केवल जम्मू में तबाही मचाई, बल्कि इसकी वजह से हुए भूस्खलन के चलते वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा भी स्थगित कर दी गई। पुल ढहने और मोबाइल टावर के साथ बिजली के खंभे पेड़ टहनियों की तरह टूटने से बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश के बड़े हिस्से में दूरसंचार सेवाएं ठप हो गईं, जिससे लाखों लोग की समस्याएं बढ़ गईं। उन्होंने बताया कि जम्मू श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात स्थगित कर दिया गया और दर्जनों पहाड़ी सड़कें भूस्खलन या अचानक बाढ़ के कारण अवरुद्ध या क्षतिग्रस्त हो गईं। साथ ही जम्मू आने-जाने वाली कई ट्रेनें रद्द कर दी गईं।
त्रिकुटा पहाड़ी पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर का घुमावदार रास्ता तबाही का मंज़र पेश कर रहा था। दोपहर करीब 3 बजे पहाड़ी की ढलान ढहने से कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल हो गए। आशंका जताई जा रही है कि मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है।
जम्मू के रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि कटरा और उसके आसपास बचाव और राहत कार्यों में सेना की तीन राहत टुकड़ियों को तुरंत तैनात किया गया। मंगलवार को जम्मू प्रांत में हुई बारिश संबंधी घटनाओं में डोडा जिले में कम से कम चार लोगों के मारे जाने की खबर है। इनमें से तीन लोग फिसलकर नदी में गिर गए और तेज बहते पानी में डूब गए, जबकि एक की घर ढहने से मौत हो गई।