गुजरात के कच्छ जिले के किसान हरेश ठक्कर ने ग्राफ्टिंग तकनीक का इस्तेमाल करके हाईब्रिड आम की नई किस्म विकसित करने का दावा किया है। उनके खेत से देशी आम के बीज और नवसारी कृषि विश्वविद्यालय की ओर से विकसित आम की किस्म शामिल है।
सोनपरी आम ज्यादा गूदेदार और बड़ा है और मौसम के उतार-चढ़ाव का भी उस पर कोई असर नहीं पड़ता है। हरेश ठक्कर अपने परिवार की पांचवीं पीढञी के किसान हैं। वे आम की नई किस्मों को ईजाद करने के लिए पूरे इलाके में मशहूर हैं।
सोनपरी आम का वजन तकरीबन 300 ग्राम से एक किलोग्राम के बीच होता है। हरेश ठक्कर के मुताबिक इनका स्वाद महाराष्ट्र के प्रसिद्ध अल्फांसो आम जैसा ही है। ठक्कर को उम्मीद है कि सोनपरी आम की फसल पूरे जिले के किसान करेंगे। वैसे ये इलाका केसर आम के लिए मशहूर है लेकिन हरेश को उम्मीद है कि जल्द ही सोनपरी उसे पीछे छोड़ देगा।