Breaking News

दिल्ली: महिलाओं को रक्षाबंधन पर मिलेंगे ₹2500, लक्ष्मी योजना को कैबिनेट की मंजूरी     |   दिल्ली के ITO में जलभराव की वजह से भारी ट्रैफिक जाम     |   भूकंप के बाद जापान के एक शॉपिंग मॉल में एक के बाद एक धमाके     |   लोकसभा की कार्यवाही आज रात 10 बजे तक चलेगी     |   प्रधानमंत्री को कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलना होगा: लोकसभा में बोलीं प्रियंका गांधी     |  

MP में फिर जीवंत हो रही गुरुकुल की परंपरा, आधुनिक शिक्षा से जुड़ रहे सांदीपनि विद्यालय

मध्य प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में गुरुकुल की प्राचीन परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय शुरू किए गए हैं, जहां बच्चों को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के साथ भारतीय संस्कृति, योग, नैतिक शिक्षा और जीवन मूल्यों की भी शिक्षा दी जा रही है।

15 से 29 जुलाई तक प्रदेश में गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसके तहत 'एक गुरु, एक वृक्ष' अभियान भी चलाया गया, जिसमें प्रदेशभर में 40 हजार से ज्यादा पौधे लगाए गए। गुरु पूर्णिमा के मौके पर 29 जुलाई को उज्जैन के माधव विज्ञान महाविद्यालय में सांदीपनि अलंकरण समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।

FVDFVFD

उज्जैन का महर्षि सांदीपनि आश्रम गुरु-शिष्य परंपरा का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा ने महर्षि सांदीपनि के आश्रम में शिक्षा प्राप्त की थी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सांदीपनि विद्यालयों को विकसित किया जा रहा है। सांदीपनि विद्यालयों में बच्चों को AI, डिजिटल तकनीक, रोबोटिक्स और आधुनिक विज्ञान की शिक्षा दी जा रही है। इसके साथ ही भारतीय संस्कृति, योग, नैतिक शिक्षा, अनुशासन, खेल और सामाजिक जिम्मेदारी को भी पढ़ाई का हिस्सा बनाया गया है।

प्रदेश में फिलहाल 368 सांदीपनि विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें 274 स्कूल शिक्षा विभाग और 94 जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत हैं। दूसरे चरण में 405 और विद्यालय शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में इन विद्यालयों का हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम करीब 90 फीसदी रहा। सरकार का कहना है कि सांदीपनि विद्यालयों का उद्देश्य केवल आधुनिक स्कूल बनाना नहीं, बल्कि उनमें गुरुकुल की परंपरा, संस्कार और मूल्यों को भी शामिल करना है।

FFV