हाथोज धाम स्थित श्री दक्षिणमुखी बालाजी मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के तहत सोमवार को भगवान श्री वराह की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यह आयोजन हाथोज धाम पीठाधीश्वर स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज के सान्निध्य में हुआ।

शोभायात्रा श्री दक्षिणमुखी बालाजी मंदिर से शुरू होकर हाथोज के प्रमुख मार्गों से गुजरी। इसमें भगवान श्री वराह की सुंदर झांकी, बैंड-बाजे, धार्मिक झंडे और भजन-कीर्तन आकर्षण का केंद्र रहे। इस दौरान पूरा क्षेत्र धार्मिक माहौल में डूब गया। शोभायात्रा के रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। लोगों ने भगवान श्री वराह की आरती भी उतारी और उनका आशीर्वाद लिया।

इस मौके पर स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने कहा कि गुरु की कृपा से ही जीवन में ज्ञान, भक्ति और आत्मकल्याण का मार्ग मिलता है। उन्होंने कहा कि राम नाम संकीर्तन, धार्मिक कार्यक्रम और ऐसे आयोजन सनातन संस्कृति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इससे समाज में धर्म, संस्कार, सेवा और एकता की भावना भी बढ़ती है। गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान संत-महात्माओं के सान्निध्य में भजन-कीर्तन और कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पूरे दिन हाथोज धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ रही और मंदिर परिसर 'जय श्रीराम' और 'जय श्री वराह भगवान' के जयकारों से गूंजता रहा।
