Breaking News

दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड: MCD ने फ्लोरिश इन गेस्ट हाउस को सील किया     |   UP: बलरामपुर पहुंचे CM योगी आदित्यनाथ, 294 करोड़ की 75 परियोजनाओं की देंगे सौगात     |   पटना: फैजल खान की गिरफ्तारी की आशंका के बीच KGS सेंटर पर छात्रों की भारी भीड़     |   ‘जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग’, स्विट्जरलैंड राजदूत के दौरे पर बोले MEA प्रवक्ता     |   फैजल खान मामला: 'किसी के बहकावे में ना आएं छात्र', पटना पुलिस ने जारी की एडवाइजरी     |  

MP News: नकली नोट की फैक्ट्री का भंडाफोड़, अब तक बाजार में खपा चुका है 6 लाख रुपये

MP News: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस ने नकली नोट छापकर बाजार में खपाने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने रविवार को ये जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी युवक विवेक यादव (21) मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया का रहने वाला है और पिछले एक साल में छह लाख रुपये मूल्य के नकली नोट बाजार में खपा चुका है। पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए युवक को शुक्रवार देर शाम निशातपुरा क्षेत्र से हिरासत में लिया, उसके पास से 500-500 के 23 नकली नोट बरामद किए गए।

भोपाल के अतिरिक्त पुलिस उपाधीक्षक (जोन-2) गौतम सोलंकी ने कहा कि पूछताछ में आरोपी युवक ने बताया है कि पुलिस से बचने के लिए उसने किसी अन्य को अपने साथ इस काम में नहीं जोड़ा था और वो खुद ही नोटों की छपाई से लेकर उन्हें बाजार में खपाने का काम किया करता था। सोलंकी ने बताया कि नोटों को खपाने के लिए वह शहर के बाहरी इलाकों में स्थित किराना और पान-गुटखे की छोटी-छोटी दुकानों को निशाना बनाता था, जहां वह 20-30 रुपये का सामान खरीदकर पांच सौ के नकली नोट खपा देता था।

उन्होंने बताया कि आरोपी युवक इतनी सफाई से नकली नोट बनाता था कि जल्दी से कोई इसे पहचान नहीं पाता था। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने मुंबई में रहकर प्रिंटिंग का अनुभव हासिल किया और किताबें पढ़ कर उसने नकली नोट छापने के गुर सीखे।

उन्होंने कहा कि नोट असली लगे, इसके लिए आरोपी युवक उच्च गुणवत्ता वाले छपाई मशीन, कागज और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल करता था और कुछ की खरीदारी आनलाइन माध्यम से करता था। सोलंकी ने कहा कि आरोपी युवक को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 178 और 185 के तहत गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।

ये धाराएं बैंक-नोट के प्रयोजन के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए किसी भी सिक्के, स्टाम्प की जालसाजी करने और धोखाधड़ी से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने से संबंधित हैं और इनमें सात साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।