Odisha: ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर में लगी भीषण आग में 12 मरीजों की जान चली गई। यह घटना सोमवार तड़के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ट्रॉमा केयर आईसीयू सेंटर में घटी।
स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने ओडिशा विधानसभा में बताया कि पहली मंजिल पर स्थित आईसीयू में आग लगी, जिसके बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने आईसीयू और आसपास के वार्डों से 23 मरीजों को तुरंत बाहर निकाला।
तेजी से बचाव कार्य के बावजूद, 7 गंभीर रूप से बीमार मरीजों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य मरीजों ने बाद में दूसरे वार्डों में स्थानांतरित किए जाने के दौरान दम तोड़ दिया। बचाव अभियान में मरीजों को बचाते समय 11 अस्पताल कर्मचारी घायल हो गए। सभी घायल कर्मचारियों का फिलहाल इलाज चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और 16 मार्च की सुबह अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अधिकारियों को घायलों के लिए सर्वोत्तम संभव उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजनों के लिए 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की।
एक दिन पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुख्यमंत्री से बात की और शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया।
राज्य सरकार ने इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति लक्ष्मीधर बिस्वाल करेंगे। इसके अतिरिक्त, आग लगने के कारणों की जांच के लिए विकास आयुक्त डी.के. सिंह की अध्यक्षता में एक अंतर-विभागीय तथ्य-जांच समिति का गठन किया गया है।
सरकार ने बताया कि राज्य के 2,000 से अधिक चिकित्सा संस्थानों का अग्नि सुरक्षा ऑडिट पूरा हो चुका है और अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। अग्नि सुरक्षा उपायों के लिए 2025-26 के लिए 320 करोड़ रुपये और 2026-27 के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर जोर दिया है।