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गुजरात के सरकारी स्कूलों में बढ़ा भरोसा, प्राइवेट से 2 लाख से ज्यादा बच्चों ने लिया दाखिला

Gujarat: गुजरात के लोगों में सरकारी स्कूलों के प्रति भरोसा बढ़ा है और यही वजह है कि बड़ी संख्या में निजी स्कूल से बच्चे कॉर्पोरेशन के स्कूलों में एडमिशन ले रहे हैं। ये संभव हुआ है, शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सुधारवादी पहल से। साथ ही मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति से भी सरकारी स्कूलों का माहौल बदला है। 

गुजरात के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के बेहतर और आधुनिक संसाधनों ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई है। प्रदेश में शिक्षण सत्र 2024-25 के दौरान 2 लाख से अधिक छात्रों ने निजी स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूल में एडमिशन लिया था। जिसमें बालवाटिका से 12वीं तक के छात्र शामिल थे। अहमदाबाद नगर निगम की बात करें, तो यहां 450 सरकारी स्कूल हैं। जहां शिक्षण सत्र 2025-26 में करीब 2700 बच्चे प्राइवेट से कॉर्पोरेशन के स्कूलों में आए। 

गुजरात के सरकारी स्कूलों की सुविधा से अभिभावक भी उत्साहित हैं। अभिभावकों का मानना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों की तरह होड़ नहीं रहती है, बल्कि छात्र की प्रतिभा के हिसाब से उन्हें आगे बढ़ने की राह दिखाई जाती है।

ऐसे में ये माना जा रहा है कि गुजरात के सरकारी स्कूल अब विकल्प नहीं, गुजरातवासियों की पसंद बन रहे हैं। गुजरात सरकार की क्रांतिकारी पहल और सरकारी योजनाएं बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दशा और दिशा तय कर रहे हैं।